इंजीनियर बनना चाहते हैं आदित्य
उझानी। इंटर की परीक्षा में महात्मा गांधी पालिका इंटर कॉलेज के छात्र आदित्य प्रभात ने जिले में दूसरा स्थान पाया है। वह इंजीनियर बनना चाहते हैं। दूसरे विकल्प के रूप में टीचिंग है।
आदित्य के पिता चंद्रशेखर शर्मा उर्फ टिंकू कादरचौक क्षेत्र के गांव बिरौतिया के मूल निवासी है। कादरचौक क्षेत्र के गांव घटियारी के संविलयन प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं। वह बताते हैं कि आदित्य शुरू से ही मेधावी रहा है। मां ममता घरेलू कामकाज संभालती हैं। चार बहनों के इकलौते भाई आदित्य ने हाईस्कूल की परीक्षा में भी चमकने का सपना संजोया था, लेकिन कोरोना काल में परीक्षा की बजाय ग्रेड के आधार पर पास कर दिया गया था। आदित्य 12वीं की परीक्षा से पहले घर में पढ़ाई की।
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डॉक्टर बनने की चाह में बढ़ रहे लवी के कदम
बदायूं। श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में पढ़ाई करने वाले लवी कुमार का सपना डॉक्टर बनने का है। इसको लेकर वह घर-परिवार से दूर शहर में किराये पर कमरा लेकर अपने भाई के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। लवी वैसे तो जिला कासगंज के पटियाली के रहने वाले हैं। उनके पिता सुरेंद्र सिंह राठौर किसान हैं और उनकी मां लौंगश्री गृहणी है। लवी के तीन भाई और दो बहनें हैं। वह सबसे बड़े भाई गुरुसरन के साथ में रहकर पढ़ाई करते हैं। उन्होंने परीक्षा में 94.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
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शुरू से मेधावी रहे अनुराग
बदायूं। शहर के मोहल्ला विवेक बिहार कॉलोनी निवासी अनुराग सक्सेना के छोटे बेटे आदित्य सक्सेना ने 94.20 प्रतिशत अंक पाकर जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। उनके पता शहर के विज्ञानानंद इंटर कॉलेज के प्रवक्ता है, जबकि मां राखी सक्सेना गृहणी है। उनके पिता ने बताया कि आदित्य शुरू से पढ़ाई में होनहार रहा है। वह परीक्षा देने के बाद में दिल्ली चला गया। वहां पर रहकर आईआईटी की तैयारी कर रहा है। उनके बड़े भाई रितिक ने भी 2017 में हाईस्कूल में प्रदेश में पांचवां स्थान और इंटरमीडिएट में जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। वह रोपड़ से आईआईटी कर रहे हैं।
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इंजीनियर बनना चाहते हैं शिवांशु
उसावां । इंटरमीडिएट में जिले में चौथा स्थान प्राप्त करने वाले शिवांशु इंजीनियर बनना चाहते हैं। वह पुष्पकुंज भगवान दास कन्या इंटर कॉलेज में इंटर के छात्र हैं। उन्होंने 500 में से 470 अंक प्राप्त किए हैं। शिवांशु ने बताया कि वह अपने लक्ष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं।
कस्बा निवासी सुभाष मिश्रा किसान है। दोपहर में जब रिजल्ट आया तब वह खेत पर काम कर रहे थे। उनके बेटे शिवांशु मिश्रा ने उनको खेत पर जाकर अपने पास होने और जिले में चौथा नंबर आने की बात बताई तो खुशी की वजह से उनके आंखों से आसूं निकल आए। शिवांशु ने बताया कि उनके बड़े भाई दिव्यांशु मिश्रा बीएड कर रहे हैं। जबकि मां अर्चना मिश्रा गृहणी है। पढ़ाई में भाई का काफी सहयोग मिलता रहा है।
आईआईटी में जाना चाहती हैं शिवांगी
बदायूं। डीएम रोड निवासी पवन साहू की बेटी शिवांगी साहू ने 93.80 प्रतिशत अंक पाकर जिले में पांचवां स्थान हासिल किया है। पवन साहू की महाराणा प्रताप चौक पर मिठाई की दुकान है। शिवांगी ने बताया कि उनकी मां वर्षा साहू हमेशा से उनका मनोबल बढ़ाती रही है। उनका सपना आईआईटी या फिर शिक्षा विभाग में जाने का है। शिवांगी सोशल मीडिया पूरी तरह से दूर रही। उनके पास अभी तक कोई मोबाइल नहीं था। यहां तक की वह टीवी भी देखना पंसद नहीं करती है। पढ़ाई और अपने भाई बहनों के साथ में मस्ती करती है।