बदायूं। गंगा एक्सप्रेस-वे पर जिले में तीन इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं। इनमें घटपुरी में तेजी से काम किया जा रहा है, हालांकि बाकी दो जगहों पर काम पिछड़ता नजर आ रहा है। घटपुरी में 51 किसानों की जमीन लेनी थी, इसमें से 44 की जमीन मिल चुकी है। इस कारण काम तेजी से चल रहा है। बाकी जगह जमीन को लेकर भुगतान की प्रक्रिया की अटकी हुई है।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 594 किलोमीटर का गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की सदर, बिल्सी, बिसौली और दातागंज से होकर निकल रहा है। जिले में 92 किलोमीटर इसका दायरा है। इस एक्सप्रेस-वे पर जिले में तीन इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं। इन इंटरचेंज के सहारे लोग एक्सप्रेस-वे पर चढ़ और उतर सकेंगे।
सदर तहसील के घटपुरी में करीब 30 हेक्टेयर जमीन पर इंटरचेंज का निर्माण कार्य किया जा रहा है। यहां पर 51 किसानों की जमीन आड़े आ रही थी। इनमें से 44 किसानों से जमीन खरीदी जा चुकी है और उनकाे 2,18,85,800 रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। अन्य किसानों से भी जमीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, दातागंज तहसील के वनकोटा गांव में इंटरचेंज के लिए अभी जमीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। यहां पर 5.53 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। अभी तक मात्र 2.76 हेक्टेयर जमीन खरीदी जा चुकी है। बता दें कि वनकोटा व बिहारीपुर-डहरपुर में अभी 14 प्रतिशत भूमि क्रय कर ली गई है।
किसानों को कोर्ट से नहीं मिली राहत
दातागंज के बिहारीपुर-डहरपुर में तीसरा इंटरचेंज बनना है। यहां पर 21.98 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। किसानों को प्रशासन ने शासन की नीति के अनुसार मुआवजा देना शुरू किया। लेकिन, किसान मुआवजा राशि को लेकर सहमत नहीं थे। अधिकांश किसान कोर्ट चले गए। उन्होंने अधिक मुआवजे की मांग की। प्रशासन के अनुसार कोर्ट ने उनको राहत नहीं दी। ऐसे में अब उनको उसी सर्किल रेट पर ही मुआवजा दिया जाएगा। जल्द ही यहां पर बैनामे का काम तेजी पकड़ने की उम्मीद है। हालांकि अभी तक यहां पर 1.23 हेक्टेयर जमीन ही क्रय की जा सकी है।
इंटरचेंज में जिन किसानों की जमीन आ रही है। उनको मुआवजा दिया जा रहा है। बिहारीपुर-डहरपुर में काम कुछ धीमा चल रहा है। जल्द ही वहां पर भी काम तेजी पकड़ेगा।
अरुण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट