सैदपुर। साढ़े आठ करोड़ की लागत से 2016 में राजकीय बालिका इंटर काॅलेज बनकर तैयार हुआ था, लेकिन आठ साल बाद भी इसके लिए रास्ता बनकर तैयार नहीं हुआ है। बेटियां विद्यालय जाने से परहेज कर रहीं हैं। जब बुधवार को सुबह आठ बजे मौके की स्थिति देखी तो 110 पंजीकृत छात्राओं में सिर्फ 20 छात्राएं ऊबड़-खाबड़ रास्ते से निकल कर पहुंचीं थीं। बरसात के दिनों में तो न तो छात्राएं जा पाती हैं, न ही अध्यापिकाएं। पानी भरने के बाद महीनों तक स्कूल बंद रखना पड़ता है।
कॉलेज के सामने से ही तालाब से होकर रास्ता निकालने को लेकर मिट्टी कार्य 2014 में शुरू कराया गया, लेकिन राजनीति के चलते कस्बे के ही कुछ लोगों ने इसका विरोध कर दिया। एक बार फिर से जब रास्ता निर्माण को शुरू कराया गया तो फिर लोगों ने विरोध कर दिया। इसके चलते कॉलेज तक पहुंचने को रास्ता नहीं बन सका है। यहां स्थायी प्रधानाचार्य नहीं हैं। प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में सानिया उवैस तैनात हैं। वहीं तीन अध्यापिकाएं हैं। बाबू के रूप में अभी कुछ दिन पहले ही रामकिशोर को तैनाती दी गई है। स्टाफ की भी कमी चल रही है।
विवाद की वजह से नहीं बन पा रहा रास्ता
मुख्य मार्ग से सिर्फ 100 मीटर लंबा मार्ग विद्यालय को जोड़ने के लिए बनाया जाना है। मार्ग के रास्ते को कस्बे के ही कुछ लोग बनने नहीं दे रहे हैं। नगर पंचायत के मौजूदा चेयरमैन इशरत अली खां ने 2014 में विद्यालय का निर्माण शुरू होने के समय ही मार्ग का निर्माण शुरू कराया तो विरोध हो गया था। अब तालाब के सुंदरीकरण के साथ रास्ते को बनवाने का प्रयास किया जा रहा है तो भी यहां विरोध जारी है। पुलिस मौके पर पहुंचकर रास्ते के निर्माण कार्य को रुकवा ताे देती है लेकिन यह नहीं देखती कि रास्ता न होने से सैकड़ों छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हाे रहा है।
मामला संज्ञान में है। इस मामले को चुनाव के बाद स्वयं मौके पर जाकर देखूंगी। छात्राओं के भविष्य का सवाल है। समस्या का हर हाल में निस्तारण कराया जाएगा। कल्पना जायसवाल, एसडीएम बिसौली
रास्ते को लेकर जिलाधिकारी मनोज कुमार को शिकायती पत्र दिया गया है। उन्होंने जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।लगातार प्रयास किया जा रहा है, जिससे रास्ते का निर्माण हो सके। प्रवेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, बदायूं।
कॉलेज के सामने किसी की अपनी जमीन नहीं है। तालाब सरकारी है। तालाब के सुंदरीकरण का काम किया जा रहा है। इसी में रास्ते का निर्माण भी कराया जाएगा। कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। छात्राओं के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। इशरत अली खां, नगर पंचायत अध्यक्ष सैदपुर बदायूं।
चेयरमैन, इशरत अली खां।
चेयरमैन, इशरत अली खां।