बदायूं। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल में सुविधाओं का इजाफा किया जा रहा है। इसके तहत जिला अस्पताल में इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनाई जा रही है। वहीं डीएम निधि श्रीवास्तव ने शिविर कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
डीएम ने कहा कि जो भी निर्माण कार्य स्वास्थ्य विभाग में कराए जा रहे हैं, वह समय से पूरे हों। अधिकारी नियमित रूप से निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता परखें। जिला अस्पताल में 88 लाख रुपये की लागत से बन रही इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब को जल्द ही पूरा करने के निर्देश दिए।
बताया कि नौ ब्लॉकों में ब्लॉक हेल्थ पब्लिक यूनिट (बीएचपीयू) का निर्माण किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि जिले में एक जिला पुरुष अस्पताल, एक जिला महिला अस्पताल, 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 408 उप केंद्र हैं। उन्होंने बताया कि हेल्थ व वेलनेस सेंटर को आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जाने पर कार्य चल रहा है, जिनमें एएनएम व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) दोनों बैठेंगे। 234 आयुष्मान आरोग्य मंदिर का कार्य पूर्ण हो चुका है। 71 पर कार्य चल रहा है। इस अवसर पर डाॅ. सनोज मिश्रा, डाॅ. केके शर्मा, अरविंद राना आदि मौजूद रहे।
20 गांवों की ग्राम विकास योजना का सर्वेक्षण दोबारा होगा
बदायूं। डीएम निधि श्रीवास्तव ने सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के कार्यों के संबंध में बैठक की। उन्होंने 20 गांवों की ग्राम विकास योजना का सर्वेक्षण पुन: करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में 104 ग्राम चिह्नित हैं, जिनमें 50 गांवों के अनुमोदन आदि का कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रत्येक ग्राम में विभिन्न कार्य के लिए 20 लाख रुपये आवंटित किए जाते हैं। 50 गांवों में से 20 में कार्य पूरा हो गया है। 30 गांवों में कार्य चल रहा है। इनके लिए प्रथम किश्त दस लाख रुपये दी जा चुकी है।
बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना तहत 20 अन्य गांवों की ग्राम विकास योजना अनुमोदनार्थ रखी गई, जिसके दोबारा सर्वेक्षण के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं। सीडीओ केशव कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या वाले गांव का चयन योजना के तहत किया जाता है। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा, सहायक प्रबंधक उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम संतोष कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद