बदायूं। योगेश उर्फ राजू बाइक मिस्त्री बनने की बजाय कब सुपारी किलर बन गया यह लोगों को भी नहीं पता चला। चोरियों की घटना को अंजाम देने वाले लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य ने सबसे पहले वर्ष 2014 में हत्या की। इसके बाद रुपये लेकर हत्या करने लगा। लोग सबसे अधिक उस समय चौक गए जब उसका नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य के रूप में सामने आया।
योगेश की मां के बाद उसके पिता का निधन हुआ। इसके बाद बुआ की देखरेख में योगेश उर्फ राजू अपने भाई बहनों के साथ जीवन यापन करने लगा। परिवार का खर्च चलाना था, ऐसे में उसने बाइक मिस्त्री बनने की ठान ली। इस दौरान वह चोरियां करने लगा। जब इस बात की जानकारी बाइक मिस्त्री के दुकान स्वामी को हुई तो उसने योगेश को हटा दिया।
इसके बाद उसने रुपये की जरूरत पूरी करने के लिए वर्ष 2014 में पहली हत्या कर दी। उस समय योगेश किशोर था। अब कुछ ही दिन बीते थे कि उसने कासगंज में भी हत्या कर दी। इसके बाद वह सुपारी लेकर हत्या करने लगा। जब दस साल पहले उसने पूरे परिवार के साथ बदायूं शहर को छोड़ा तो अधिकांश लोग उसे भूल गए थे, लेकिन अब उसका नाम लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा तो एक बार फिर लोग उसे जान गए। अब पुलिस उसके बारे में सारी जानकारी जुटा रही है। फिलहाल वह मथुरा जेल में बंद है।