बिसौली। शिव शक्ति धाम लक्ष्मी नारायण मंदिर हतसा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठम दिवस पर अंबिका देवी ने गिरिराज पर्वत की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि इंद्र का घमंड तोड़ने के लिए गिरिराज पूजन करवा कर भगवान ने 56 भोग अर्पित कराए। कथावाचक ने बताया कि एक बार ब्रह्मा जी को भी अभिमान हो गया था। भगवान कृष्ण जब गाय बछड़े चरा रहे थे, तब उन्होंने उन्हें मायावी समझकर गाय बछड़ों को छुपा दिया। भगवान ने स्वयं गाय बछड़े बनकर ब्रह्मा जी का मोह भंग किया और उनके घमंड को दूर किया। कथा में गोपियों के वस्त्रहरण, महारास लीला और कामदेव के अभिमान के नाश का प्रसंग सुनाया गया। उन्होंने कहा कि महारास में गोपियां कोई साधारण नहीं बल्कि वेद मंत्रों का स्वरूप थीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के कई प्रसंग सुनाए। कथा सुनने जखोरा से महेश पाठक, नत्थू लाल शर्मा, डॉ. अजीत सिंह, सुरेंद्र वकील, रामेंद्र मास्टर, सतपाल शर्मा सहित अनेक भक्त मौजूद रहे। संवाद