बदायूं। गिंदो देवी महिला महाविद्यालय के तत्वाधान में इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) द्वारा संपोषित आत्मनिर्भर भारत चुनौतियां व संभावना विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारत ने खुद को आत्मनिर्भर बनाने का फैसला किया है जो वर्तमान समय में साकार होता दिखाई दे रहा है।
प्रथम दिवस उद्घाटन का शुभारंभ मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के डायरेक्टर प्रोफेसर मधुरेंद्र कुमार व बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओपी राय समेत अन्य अतिथियों ने किया। प्रो. मधुरेंद्र कुमार ने आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियों पर चर्चा की। कि भारत ने खुद को आत्मनिर्भर बनाने और राष्ट्र को आगे ले जाने का फैसला किया है। विश्व बंदी के कारण सारे विश्व के उत्पादों पर भारी असर के कारण किसी भी देश से सामानों का आदान-प्रदान नहीं हो पा रहा था। ऐसे में प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने लोकल फॉर वोकल का नारा दिया।
लखनऊ बाबा साहब भीमराव केंद्रीय विश्व विद्यालय के पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन हेड ऑफ डिपार्टमेंट प्रोफेसर डॉ. रिपु सुंदर सिंह ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के विभिन्न आयामों पर सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं, इसकी कुछ चुनौतियां भी हैं एक तकनीकी का हस्तांतरण और दूसरी पूंजी। महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्व विद्यालय के डीन व हेड लॉ डिपार्टमेंट प्रोफेसर डॉ. अमित सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में समाज को बदलने के लिए डिजिटलकरण सबसे बड़ा साधन है। यह आज हमारे जीवन से जुडी हर चीज को बदल के रख देता है।
बरेली कॉलेज प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने बताया कि आजादी के बाद भारत तेजी से विश्व शक्ति बनकर उभरा है। भारत की अर्थव्यवस्था आज एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। इस कारण सामाजिक और आर्थिक रूप से कई बदलाव भी हुए हैं।
बरेली कॉलेज के फिलॉसफी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट प्रोफेसर डॉ. एसी त्रिपाठी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा स्टार्टअप भारत, स्टैंडअप भारत योजना चलाई जा रही है। जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे पहले आयोजन सचिव गिंदो देवी महिला महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. वंदना शर्मा ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विषय पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. शुभी भाषीन व तकनीकी सत्र का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती ने किया। वहीं तकनीकी सत्र में विभिन्न महाविद्यालय से आए प्रोफेसरों, शोध छात्राओं ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
यह रहे मौजूद
संयोजक प्रोफेसर डॉ. मनमीत कौर, सह संयोजक प्रो. डॉ. नीलम गुप्ता, प्रबंध समिति अध्यक्ष विशाल रस्तोगी, प्रबंध समिति सचिव गौरव रस्तोगी, उप प्राचार्य प्रो. डॉक्टर गार्गी बुलबुल, डॉ. इंदु शर्मा, डॉ. शिल्पी तोमर, डॉ. इति अधिकारी, दीपमाला मौर्य, गौरव सिंह, कनुप्रिया आदि मौजूद रहे।