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Budaun News: वर्कशॉप में बढ़ रही बसो की भीड़, लोकल रूटों पर टोटा

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बदायूं। परिवहन निगम की कई बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। कुछ की समयावधि पूरी हो गई है। कुछ छोटी-मोटी कमियों की वजह से कई दिन से खड़ी हैं। इसकी वजह से कई रूटों पर बसों की संख्या कम हो गई है। यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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परिवहन निगम के पास 130 बसें खुद की है। 35 अनुबंधित बसें है। इन बसों का संचालन दिल्ली, चंदौसी, ककराला, बरेली, उसावां, दातागंज रूट पर किया जा रहा है। इन रूटों पर रोजाना करीब 10 हजार यात्री रोडवेज बसों से यात्रा कर रहे हैं लेकिन मौजूदा समय में 130 बसों में से 17 बसों को विभाग ने सरेंडर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में इन 17 बसों को रोडवेज वर्कशॉप में खड़ा करवा दिया गया है।
इसके अलावा करीब 10 बसें इंजन में खराबी होने के कारण से खड़ी है। सात-आठ बसें छोटी-मोटी कमियों के चलते वर्कशॉप में हैं। विभाग की लगभग 35 बसें रोडवेज वर्कशॉप में खड़ी हैं। इसके अलावा लंबी दूरी तय करके आने वाली बसों को कुछ रेस्ट देने और कमियों को दूर करने के लिए 30 से 35 बसें रोजाना वर्कशॉप पहुंच रही है। इन्हें चेक करने के साथ-साथ कमियों को दूर करने और साफ-सफाई करने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में 130 बसों में से करीब 70 बसें तो रोजाना अधिकतर समय वर्कशॉप में खड़ी रहती है। बाकी बसों का संचालन किया जाता है। बताते हैं कि 35 अनुबंधित बसों में भी कुछ खराब हैं।
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दिल्ली रूट पर चलती है सबसे ज्यादा बसें
विभाग के अनुसार 40 से 50 बसों के बीच रोडवेजों बसों का संचालन दिल्ली रूट पर किया जाता है। इस रूट पर यात्रियों का सबसे ज्यादा आना-जाना होता है। कोई त्योहार होने पर दिल्ली, हापुड, बुलंदशहर समेत अन्य जिलों की बसें भी बदायूं-दिल्ली के लिए संचालित होना शुरू हो जाती है। बदायूं का हजारों आदमी दिल्ली में रहकर रोजगार कर रहा है जो त्योहारों पर अपने घर आता है।
लोकल रूटों पर हो रही दिक्कत
बदायूं से उसावां, इस्लामनगर, बिल्सी, उसावां, उसहैत, चंदौसी रूट पर बसें चलती है। इन खराब बसों ने इन रूटों पर बसों की संख्या कम कर दी है। दिल्ली रूट पर भी बसों की संख्या पहले की अपेक्षा कम है। पहले दिल्ली रूट पर 65 से 70 बसों का संचालन रोजाना हो रहा था, जो अब घटकर 40 से 50 कर दिया है। शुक्रवार को भी इन रूटों पर सफर करने वाले यात्री परेशान दिखे। रोडवेज पर मिलीं उसावां की ममता शाक्य ने बताया कि उन्हें जरूरी काम से बिल्सी जाना है लेकिन बस नहीं है। उसहैत के रामलाल और नरेश बदायूं आए थे। वनकोटा जाना था, लेकिन पिछले एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे थे। ऐसे ही कई यात्री लोकल रूटों पर बसों के लिए परेशान दिखे तो कुछ ने डग्गामार की राह पकड़ ली।
निगम की 17 बसें संरेडर की जा रही हैं। उनको वर्कशॉप में खड़ा किया गया है। इसमें कुछ बसें खराब है, उनको सही कराकर संबंधित रूटों पर भेजा रहा है। कुछ बसें रूटीन में आती है, उनको तुरंत ही भेज दिया जाता है। कोशिश की जाती है कि यात्रियों को परेशानी न हो।
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- अशोक कुमार, एआरएम
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