जामा मस्जिद के मुकदमे में न्यायालय ने सुनवाई के लिए तय की सात अप्रैल की तिथि
बदायूं। शहर की जामा मस्जिद पर हक को लेकर दायर मुकदमे में बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सभी पक्षों के वकील न्यायालय पहुंचें। न्यायालय ने आदेश किया कि अब सभी मामले क्रम से सुने जाएंगे। सबसे पहले वादपत्र के संशोधन प्रार्थनापत्र को सुना जाएगा। इसके लिए सात अप्रैल तारीख लगाई गई है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में विचाराधीन भगवान नीलकंठ बनाम इंतजामिया कमेटी जामा मस्जिद के मुकदमे की बुधवार को सुनवाई हुई। पूर्वाह्न 11 बजे अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल, वकील वेदप्रकाश साहू और दूसरे पक्ष के वकील न्यायालय पहुंचे। इस मामले में पहले 23 मार्च को सुनवाई हुई थी। उस दौरान सभी पक्षों ने अपने-अपने प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई की मांग की थी। इसे लेकर वकीलों में काफी बहस हुई।
न्यायालय ने सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद कहा था कि पहले कौन सा प्रार्थनापत्र सुना जाएगा, इसका फैसला पांच अप्रैल को किया जाएगा। इस क्रम में बुधवार को न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई हुई। न्यायालय ने आदेश दिया कि अब सबसे पहले वाद पत्र के संशोधन प्रार्थना पत्र की सुनवाई होगी। इसके बाद अन्य प्रार्थना पत्रों पर विचार किया जाएगा। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए सात अप्रैल तारीख तय की है।