दातागंज (बदायूं)। हजरतपुर थाना क्षेत्र में गैर समुदाय के पड़ाेसी ने महिला को लाठी-डंडों से पीटा। पत्नी को लेकर पति थाने शिकायत करने गया तो कार्रवाई के बजाय पुलिस कर्मियों ने उसे ही बैठा लिया। यहां जब महिला की हालत बिगड़ी तब उसे छोड़ा। युवक ने पत्नी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां दूसरे दिन उसकी मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने पोस्टमार्टम के बाद असफपुर तिराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया।
थाना क्षेत्र के गांव असफपुर निवासी विमला (36) पत्नी नन्कू का पड़ोसी आसिफ व उसके परिजन से 6 अक्तूबर को बच्चों को लेकर विवाद हो गया था। इस पर आसिफ व उसके परिजन ने विमला की पिटाई कर दी। विमला थाने गई तो उसकी सुनवाई नहीं हुई। उल्टा उसे डांटकर थाने से भगा दिया गया। महिला का पति नन्कू दिल्ली में मजदूरी करता है।
जानकारी होने वह 11 अक्तूबर को गांव लौटा और पड़ोसियों से शिकायत की। तब दबंगों ने फिर से महिला और उसके पति के साथ मारपीट की। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल पत्नी को लेकर नन्कू हजरतपुर थाने गया। कार्रवाई के बजाए तब पुलिस ने नन्कू को मारपीट करने का आरोपी बताते हुए थाने में बैठा लिया।
उधर, दर्द से पीड़ित महिला तड़पती रही, लेकिन पुलिस उसके दर्द को नौटंकी बताती रही। जब महिला की हालत बिगड़ी तो पुलिस ने उसे बदायूं के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां दूसरे दिन शनिवार की रात 11 बजे उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर पहुंच गए।
हजरतपुर पुलिस के कोई कार्रवाई न करने पर रविवार सुबह पीड़ित परिवार ने लखनऊ कंट्रोल रूम फोन करके शिकायत की। इसके बाद पुलिस गांव में पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उधर, पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा तो गुस्साए लोगों ने सैजनी हजरतपुर मार्ग स्थित असफपुर तिराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। काफी समझाने के बाद रात करीब 8:30 बजे जाम खुल सका।