बदायूं। 500 वर्ष के बाद जो पल आया, वह अद्भुत, अलौकिक और अकल्पनीय रहा। इस पल को यादगार मनाने के लिए मंदिरों में भव्य कार्यक्रम आयाेजित किए गए। सोमवार को अल सुबह ही रामभक्तों ने मंदिरों में पहुंचना शुरू कर दिया। मंदिरों की साफ-सफाई के बाद भक्ति की ऐसी बयार चली कि हर कोई उसमें डूबता चला गया। मंदिरों में रामधुन पर भक्तगण जमकर नाचे। हर ओर उल्लास का माहौल दिखाई दिया।
अयोध्या में हुई श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शायद ही ऐसा कोई रहा हो जिसने भाग नहीं लिया हो। किसी ने अयोध्या पहुंचकर भाग लिया तो किसी ने अपने जिले के मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना कर भागीदारी निभाई।
यहां भी मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई। ऐसे में मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और प्रभु श्रीराम का गुणगान किया गया। मंदिरों के बाहर डीजे पर प्रभु श्रीराम के गीत और भजन चले। जिसपर भक्त जमकर नाचे। जैसे ही प्रभु श्रीराम अयोध्या में अपने जन्म स्थान पर बने ऐतिहासिक मंदिर में विराजमान हुए, वैसे ही राम भक्तों ने आतिशबाजी की।
शहर के हर गली मोहल्ले में मंदिरों से भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी। शहर के बिरुआबाड़ी मंदिर, गौरी शंकर मंदिर, हर प्रसाद मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, शिव मंदिर आदि को अच्छे से सजाया गया। शाम होते ही मंदिर रोशनी से जगमगाने लगे और फिर शुरू हो गया आतिशबाजी का सिलसिला जो देर रात तक जारी रहा।
भगवान राम के अपने मंदिर में विराजमान होने की खुशी में पूरे मंदिर को सजाया गया है। हम सभी लोगों को दिल से खुशी है कि आखिरकार भगवान राम अपने घर पहुंच गए।
-पॅ. चंद्र प्रकाश पाठक, हर प्रसाद मंदिर
इस दिनों को वर्षों से इंतजार किया जा रहा था। जो आज पूरा हो गया। इसी खुशी में मंदिर को पूरी श्रद्धा के साथ में सजाया गया है। भगवान राम का हर जगह पर स्वागत किया गया है।
-पं. अभिमन्यु पांडेय,बिरुआबाड़ी मंदिर
सराफा बाजार के हलुमान मंदिर में सुंदर कांड का पाठ करते भक्त। संवाद
सराफा बाजार के हलुमान मंदिर में सुंदर कांड का पाठ करते भक्त। संवाद
सराफा बाजार के हलुमान मंदिर में सुंदर कांड का पाठ करते भक्त। संवाद
सराफा बाजार के हलुमान मंदिर में सुंदर कांड का पाठ करते भक्त। संवाद