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Budaun News: अवैध उगाही जारी... सजा भुगत रहे प्रसूता व नवजात

Wed, 26 Jun 2024 06:34 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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जिला महिला अस्पताल। संवाद
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बदायूं। महिला अस्पताल में हर दूसरे दिन प्रसव के नाम पर अवैध उगाही का मामला सामने आ ही जाता है। विभागीय अधिकारी हर मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कहते हैं। वहीं, इसका खामियाजा प्रसूताओं और नवजात को भुगतना पड़ रहा है। मार्च माह में गर्भवती को भर्ती न करने और अस्पताल गेट पर प्रसव होने के मामले में जांच हुई, इस मामले में चार कर्मचारी दोषी भी पाए गए थे। इतने बड़े मामले के बाद भी दोषी छह माह से ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे ही एक दर्जन मामलों में जांच तो हुई, लेकिन कार्रवाई शून्य रही।
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केस 1
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कबूलपुरा निवासी रवि अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर 15 मार्च को महिला अस्पताल लाए थे। कर्मचारियों ने रुपये की मांग की, उन्होंने रुपये न होने पर असमर्थता जताई तो कर्मचारियों ने महिला को भर्ती नहीं किया था। परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर जा रहे थे कि अस्पताल के गेट पर महिला की डिलीवरी हो गई और नवजात की मौत हो गई थी। डीएम मनोज कुमार ने जांच सिटी मजिस्ट्रेट से कराई। विभागीय जांच भी हुई। जितेंद्र, मुकेश, लता चौहान और उर्मिला चारों कर्मचारी दोषी पाए गए। अधिकारियों की साठगांठ से दोषी कर्मचारी भी ड्यूटी कर रहे हैं।

केस 2
कादरचौक के गांव इस्माइलपुर की मीना को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन 11 दिसंबर 2023 को महिला अस्पताल लेकर आए थे। अस्पताल के कर्मचारियों ने छह हजार रुपये की मांग की थी। दलालों ने मीना और उनके परिजनों को इस कदर डरा दिया कि वे प्राइवेट अस्पताल में ले गए ,जहां प्रसव कराया। इसी माह में बिसौली थाना क्षेत्र के गांव मिठामई की रेनू के साथ भी यही हुआ। उनके परिजनों को महिला अस्पताल के सिस्टम से इतना डराया गया कि उन्होंने दलालों की बात मान ली और निजी अस्पताल में जाकर प्रसव कराया। महिला अस्पताल के कर्मचारी रुपये मांगते रहे। इन दोनों मामलों की जांच सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार के पास है, लेकिन छह माह बाद भी जांच ठंडे बस्ते में है। कर्मचारियों की लापरवाही में सोमवार को भी नवजात की मौत सामने आई है।
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जांच में दोषी पाए गए कर्मचारियों की जांच अब एनएचएम विभाग में लंबित है। जांच पूरी होने पर वहीं से अगली कार्रवाई होनी है। दो मामलों की जांच सिटी मजिस्ट्रेट कर रहे हैं। जांच पूरी होने पर आगे की कार्रवाई करेंगे। कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस
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