आंगनबाड़ी केंद्रों का लाभ गर्भवती और शिशुओं को नहीं मिल पा रहा है। बाल पोषाहार को महिलाओं और शिशुओं के स्थान पर भैंस खा रही हैं। खुलेआम बाल पोषाहार को बेचा जा रहा है। अब हाट कुक्ड मामले में लीपापोती के प्रयास किए जा रहे हैं। विवेचक बदल दिए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि एक लंबे समय से बदायूं के एक माननीय के करीबी लोग अवैध रूप से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित कर रहें हैं। यह बात सभी अधिकारियों के संज्ञान में है। मगर वह अनजान बने हुए हैं। वर्ष 2014 में नौ लाख रुपये से अधिक के हॉटकुक्ड घोटाला में शामिल आरोपी भी राजनीतिक दखलअंदाजी के कारण अभी तक बचे हुए हैं। जबकि पूर्व विवेचक सत्यदेव यादव नौ लोगों के नामों का खुलासा कर चुके हैं। अब जांच को उनसे हटाकर एसआई हरेंद्र सिंह तोमर को सौंपी गई है। वर्तमान में एसआई देवेंद्र सिंह जादौन द्वारा जांच की जा रही है।