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Budaun News: बुखार का जोर... बकरी के दूध का शोर, दोगुने हुए दाम

Fri, 08 Sep 2023 02:07 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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उझानी (बदायूं)। गांव-कस्बों में बुखार के बढ़ते मरीजों के चलते उनके तीमारदार देसी नुस्खे भी खूब आजमा रहे हैं। ऐसे ही नुस्खों में खासकर डेंगू के बुखार में बकरी के दूध के इस्तेमाल का इनदिनों खूब शोर मचा हुआ है। इस वजह से बकरी के दूध की मांग भी बढ़ गई है। बकरी के दूध इस समय दोगुनी कीमत पर मिल रहा है।
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बकरी का दूध करीब 20 दिन पहले तक 50 रुपये प्रति लीटर के भाव से आसानी से उपलब्ध हो जाता था। कस्बों के अलावा देहात क्षेत्र में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही बकरी के दूध की मांग बढ़ने लगी तो यह महंगा होता चला गया। यहां रेलवे स्टेशन और बकरियों वाले नखासे, बहादुरगंज मोहल्ला समेत गंजशहीदा में बकरी का दूध लेने के लिए मरीजों के परिजन पहुंच जाते हैं।
रेलवे स्टेशन पर दूध गहाई कराते मिले गांव अढौली निवासी चंद्रवीर ने बताया कि उसके पास 25 से अधिक बकरियां हैं। इनमें डेढ़ दर्जन दूध दे रही हैं, लेकिन पिछले दिनों मांग बढ़ी तो खरीदार भी बढ़ गए हैं। इन दिनों चाय और अन्य तरीके से घरेलू इस्तेमाल की बजाय लोग उसे दवा के रूप में प्रयोग करने का ले जा रहे हैं।
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बकरी के दूध में औषधीय गुण
कस्बे के आयुर्वेदाचार्य नवनीत शर्मा के अनुसार बकरी के दूध में वसा की मात्रा कम होती है, कैल्सियम और फास्फोरस अधिक मात्रा में पाया जाता है। फैट कम होने से यह डेंगू के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। क्योंकि डेंगू का मरीज जितनी मात्रा में तरल पदार्थ लेगा, उतनी जल्द ही स्वस्थ होगा। ये सब चीजें बकरी के दूध में पाई जाती हैं। इसमें विटामिन ए और बी की बहुतायत होती है। ये दोनों बाल झड़ने की समस्या से भी निजात दिलाने में उपयोगी बताए जाते हैं। बकरी दूध हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के साथ स्वास्थ्य को भी दुरुस्त रखता है। इसमें औषधीय गुण भी होते हैं। इसमें लिनोलिक एसिड मस्तिष्क के विकास को बढ़ावा देता है।



विशेषज्ञ की सलाह
डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन सिंह बताते हैं कि मेडिकल लाइन में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि बकरी का दूध पीने से बुखार के दौरान गिरने वाले प्लेटलेट्स बढ़ने लगते हों। दरअसल, डेंगू में सबसे ज्यादा दिक्कत प्लेटलेट्स की संख्या में गिरावट होते रहने से आती है। कभी-कभी प्लेटलेट्स 10 हजार ही रह जाती हैं, लेकिन मरीज के शरीर में पानी की कमी नहीं हो तो ज्यादा दिक्कत नहीं आती। मरीज को मूवमेंट नहीं रखना चाहिए। डेंगू का वायरस छह दिन तक प्रभाव डालता है। इसके बाद मरीज धीरे-धीरे सामान्य होने लगता है। वैसे भी, कोई भी बुखार प्लेटलेट्स कम कर सकता है।
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