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जिला अस्पताल की ओपीडी हुई कंप्यूटराइज्ड, ऑनलाइन रहेगा मरीजों का डाटा

सार

जिला अस्पताल की ओपीडी अब कंप्यूटराइज्ड हो गई है।इस नंबर को डॉक्टर कंप्यूटर में अंकित करेंगे, तो मरीज का पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा।इसके लिए स्टाफ का प्रशिक्षण भी पूरा हो गया है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में कंप्यूटर पर काम करता कर्मचारी। संवाद - फोटो : BADAUN
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विस्तार
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बदायूं। जिला अस्पताल की ओपीडी अब कंप्यूटराइज्ड हो गई है। यहां आने वाले मरीजों को अब पर्चा कंप्यूटर से मिलेगा, जिस पर एक नंबर होगा। इस नंबर को डॉक्टर कंप्यूटर में अंकित करेंगे, तो मरीज का पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा। मरीजों का पूरा डाटा कंप्यूटर में दर्ज होगा।
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पिछले दिनों शासन ने जिला अस्पताल को 35 कंप्यूटर उपलब्ध कराए थे। अब ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और वार्डों तक नेटवर्किंग लाइन का काम पूरा हो गया है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में कंप्यूटर के जरिये पर्चा बनाने का काम भी किया गया। अब तक ओपीडी या इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के मैनुअल पर्चे जारी किए जाते थे। डॉक्टर इसी पर्चे पर दवा लिखते थे। डॉक्टर के पास मरीज की बीमारी के संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं रहता था। अब ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और वार्डों तक कंप्यूटराइज्ड व्यवस्था होने के बाद मरीज का पूरा डाटा ऑनलाइन रहेगा।
लखनऊ की एक फर्म जिला अस्पताल को कंप्यूटराइज्ड और ऑनलाइन करने का काम कर रही है। इसके लिए स्टाफ का प्रशिक्षण भी पूरा हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत यह काम हो रहा है। अब तक डॉक्टर मरीज का नाम और उम्र ही रजिस्टर में दर्ज किया करते थे। नई व्यवस्था के तहत मरीज का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। किस डॉक्टर ने इलाज किया और इलाज में कौन सी दवा इस्तेमाल की गई, उसका पूरा ब्योरा भी दर्ज होगा। इसका लाभ ये होगा कि दोबारा जब मरीज इलाज के लिए आएगा, तो पर्ची पर दिए गए नंबर से डॉक्टर और दी गई दवाओं के बारे में पता लग जाएगा। मरीज की पर्ची पर क्यूआर कोड भी होगा।
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पर्चा बनवाने को आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जरूरी
नई व्यवस्था के तहत अब मरीज को पर्चा बनवाने के दौरान अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर भी देना होगा। आधार कार्ड और मोबाइल नंबर देने के बाद ही ओपीडी का पर्चा बनाया जाएगा। कंप्यूटराइज्ड पर्चे के बाद संबंधित मरीज टेली कंसल्टेंसी के जरिये भी डॉक्टरों से संपर्क कर सकता है।
ओपीडी लगभग कंप्यूटराइज्ड हो गई है। ओपीडी के पर्चे अब कंप्यूटर से जारी किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था में ओपीडी आने वाले मरीज का पूरा डाटा ऑनलाइन रहेगा। इमरजेंसी और वार्डों को भी कंप्यूटराइज्ड करने का काम जल्द पूरा हो जाएगा। -डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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