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Budaun News: शासन की निगाह में बंद, यहां जर्जर पुल पर दौड़ रहे भारी वाहन

Wed, 28 Aug 2024 05:16 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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बिसौली में सोतनदी के ऊपर बने जर्जर पुल के ऊपर से निकलते वाहन। संवाद
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बदायूं। बिसौली में रानेट चौराहे के पास सोतनदी पर बने पुल पर अब भी भारी वाहन दौड़ रहे हैं। जबकि, लोक निर्माण विभाग 11 माह पहले इस पुल को जर्जर घोषित कर चुका है। इतना ही नहीं हाल ही में मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रदेश के जर्जर पुलों की संख्या कराई गई तब शासन को रिपोर्ट भेजकर बताया गया कि इस पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की लापरवाही से यहां पर आवागमन हो रहा है।
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बिसौली से होकर जा रही सोतनदी पर वर्ष 1960 में पुल का निर्माण कराया गया था। यह पुल बिसौली को बिल्सी, इस्लामनगर और सहसवान मार्ग से जोड़ता है। शाहबाद-कछला राज्य राजमार्ग-109 भी इस पुल से जुड़ा हुआ है। पुल से रोजाना 500 से 600 वाहनों का आना जाना होता है। अप्रैल 2023 में लोक निर्माण विभाग की टीमों ने पुल का निरीक्षण किया और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी।
इसके बाद में मंडल स्तरीय चार सदस्यीय टीम ने 20 अगस्त 2023 को फिर निरीक्षण किया। टीम ने जांच में पुल को भारी वाहनों के आवागमन के लिए अनफिट पाया और आवागमन प्रतिबंधित करने की संस्तुति की। इसके बाद 14 अक्तूबर की रात 12 बजे से भारी वाहनों से लिए पुल पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया।
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इसके साथ ही यहां नए पुल बनाने का प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया गया। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जर्जर हो चुके पुलों के बारे में पड़ताल कराई तो मंडल से शाहजहांपुर के अलावा बदायूं का यह पुल जर्जर बताया गया। साथ ही शासन को सूचना दी कि इस पुल पर आवागमन बंद करा दिया गया है। जबकि रोजाना इस पुल से होकर भारी वाहन गुजर रहे हैं। सवाल यह है कि अगर किसी दिन हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

स्थानीय लोगों की शिकायत पर हुई थी पुल की जांच
-सोतनदी पर बने पुल के पिलर जर्जर होने पर स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से शिकायत की थी। लोगों ने जिलास्तरीय अधिकारियों को पत्र सौंपा। साथ ही शासन में भी पत्राचार किया। इसके बाद में अधिकारी हरकत में आए थे। तब जाकर अधिकारियों ने पुल के पिलर का निरीक्षण किया। इसमें पुल के पिलर जर्जर होने की पुष्टि खुद अधिकारियों ने की।

18 से लेकर 54 किलोमीटर का लेना पड़ रहा फेर
-बिसौली से कछला के बीच में 52 किलोमीटर दूरी है। सोतनदी का पुल जर्जर होने की स्थिति में लोक निर्माण विभाग ने भारी वाहनों को आने जाने के लिए दो विकल्प दिए हैं। इसके तहत पहला वैकल्पिक मार्ग बिसौली से वजीरगंज, बिल्सी होते हुए कछला तक है। इसमें 18 किलोमीटर अधिक चलना पड़ेगा। तब दूरी 70 किलोमीटर हो जाएगी। दूसरे वैकल्पिक मार्ग से जाएंगे तो बिसौली से ओरछी, इस्लामनगर होते हुए कछला तक पहुंचना पड़ेगा। इसमें 54 किलोमीटर का अतिरिक्त फेर पड़ता है। ज्यादा दूरी न तय करनी पड़े इसके लिए वाहन जर्जर पुल से होकर गुजर रहे हैं।

सोत नदी पर बना पुल जर्जर हो चुका है। इसको लेकर बोर्ड भी लगवाया गया। भारी वाहनों को निकलने के लिए दो विकल्प दिए हैं। लोग उसी से जाएं। नया पुल बनवाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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-देवपाल सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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