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Budaun News: कार्डियोलॉजिस्ट न होने से दर्द दे रहा दिल

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सर्दियाें में जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से 286 हृदय रोगियों को किया गया रेफर
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल से जनवरी में कार्डियोलॉजिस्ट न होने के कारण 286 हृदय रोगियों को रेफर करना पड़ा। जिसमें हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही करीब 40 लोगों की जान चली गई।
जिला अस्पताल में करीब चार साल से कार्डियोलॉजिस्ट का पद खाली है। जिले के लोगों को उम्मीद थी कि राजकीय मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, लेकिन वहां भी आज तक कॉर्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी। सर्दियों का सीजन हृदय रोगियों के लिए घातक होता है। इस बार जनवरी में रिकाॅर्ड सर्दी रही। ऐसे में हृदय रोगियों की संख्या भी बढ़ गई।
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जनवरी में जिला अस्पताल से 118 और मेडिकल कॉलेज में 168 हृदय रोगियों को रेफर किया गया। जिसमें शहर समेत वजीरगंज, बिसौली , उझानी, सहसवान, दातागंज क्षेत्र के 40 मरीजों ने हायर सेंटर पहुंचने से पहले या फिर इलाज में देरी के कारण दम तोड़ दिया।


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इनकी भी गई जान
वजीरगंज के वार्ड नंबर 13 निवासी अमरीश को सीने में दर्द होने पर परिवार वाले जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां ईसीजी समेत अन्य जांचों के दौरान ही उनकी मौत हो गई। इसके अलावा वजीरगंज के वार्ड नंबर 12 के सेवाराम, वार्ड नंबर 11 के अहमद नूर, बिसौली की तहसील कॉलोनी निवासी केडी शर्मा, इतवार नखासा के महेश शर्मा, नरेश भारद्वाज, ज्ञान देवी की भी समय पर इलाज न मिलने से जान चली गई। इन सभी को रेफर किया गया था।

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शासन स्तर पर मजबूत पैरवी नहीं
स्वास्थ्य विभाग की ओर से निदेशालय के लिए कई बार जिले में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए लिखा गया, लेकिन शासन स्तर पर मजबूत पैरवी न होने से जिले को कार्डियोलॉजिस्ट नहीं मिल सका। बता दें कि जिला अस्पताल से सन 2023 में आठ बार कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए प्रस्ताव स्वास्थ्य निदेशालय भेजा जा चुका है, लेकिन डॉक्टर की तैनाती के लिए फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही।
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हृदय रोग के लक्षण
- दौड़ते समय या तेज चलने पर सीने में दर्द
- सीने में जलन या भारीपन
- बाईं तरफ आलपिन जैसा चुभना जो बाएं हाथ तक जाता हो
- लगातार अपच या एसीडिटी की समस्या, जिसे लोग अक्सर बदहजमी समझ लेते हैं।
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स्वास्थ्य निदेशालय के लिए कई बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रदेश में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी है। इस कारण तैनाती में देरी हो रही है। कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस
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