अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने शहर के एक मोहल्ले में स्थित धर्मस्थल को अपना होने का दावा किया है। इसमें महासभा की ओर से मुकेश पटेल के अलावा वकील अरविंद पाल सिंह परमार, ज्ञानेंद्र प्रकाश, डॉ. अनुराग शर्मा और उमेश चंद शर्मा भी वादी हैं। जबकि इंतजामिया कमेटी जामा मस्जिद, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वफ्फ बोर्ड यूनियन ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग, बदायूं डीएम और मुख्य सचिव प्रदेश सरकार को पक्षकार बनाया गया है।
इस वाद में दावा किया गया है कि बदायूं जिला एक ऐतिहासिक नगर रहा है। जहां राजा महीपाल सिंह का किला था। उस किले के अवशेष आज भी मौजूद हैं। उस किले में ही ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है। जहां पूजा पाठ की जाती थी, लेकिन आक्रांताओं ने उसे तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने मांग की कि उस धर्मस्थल को पुराने स्वरूप में लौटाकर उनको सौंपा दिया जाए।
उन्होंने मौके पर धर्मस्थल से जुड़े साक्ष्य मौजूद होना बताया है। इससे धार्मिक स्थल का निरीक्षण कराकर उसके अवशेषों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाए। सिविल जज सीनियर डिविजन विजय कुमार गुप्ता ने हिंदू महासभा के दावे को दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 15 सितंबर 2022 की तिथि निश्चित की है।