बदायूं। नीलकंठ महादेव-जामा मस्जिद मामले में अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी। सोमवार को मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता समय से न्यायालय नहीं पहुंचे। इस पर न्यायालय ने मस्जिद पक्ष को बहस के लिए अंतिम अवसर दिया है।
अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल की ओर से सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में याचिका दायर की गई थी, जिसमें जामा मस्जिद शम्सी की जगह नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा किया गया है। सिविल जज सीनियर डिविजन एफटीसी न्यायालय के न्यायाधीश मनीष कुमार की अदालत में मुकदमा चल रहा है।
सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता संजीव वैश्य ने अपनी बहस पूरी कर दी थी। मस्जिद पक्ष की तरफ से बहस शुरू हो चुकी है, जिसमें मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। अब न्यायालय ने बहस का अंतिम अवसर दिया है। पिछली तिथि पर भी मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता ने बहस की थी।
मस्जिद पक्ष की बहस के अंतिम अवसर के बाद वादी पक्ष फिर बहस करेगा। सरकार के वकील ने न्यायालय में इसके प्राचीन स्मारक होने के बिंदु पर बहस की थी, जो पूरी हो चुकी है। अब इस बात पर सुनवाई होनी है कि वाद चले या नहीं। इसी मामले में 6 अगस्त अगली तिथि तय की गई है।