महिला अस्पताल में सीएमओ कार्यालय के सामने धरने पर बैठे सीएचओ। संवाद
बदायूं। जिले में ऑनलाइन हाजिरी को लेकर हड़ताल पर रहे कम्युनिटी हेल्थ अफसरों (सीएचओ) की वजह से शुक्रवार को बदायूं जिले के ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गईं। सेंटरों पर दवा लेने के लिए पहुंचे मरीजों को बिना इलाज के ही बैरंग घर लौटना पड़ा।
जिले में करीब 269 सीएचओ हैं। इन के जिम्मे ग्रामीण इलाके की स्वास्थ्य सेवाएं हैं। ऑनलाइन हाजिरी को लेकर प्रदेश भर के सीएचओ ने दो दिन पहले लखनऊ में आंदोलन शुरू किया था। पहले दिन ही लखनऊ में आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई कर दी गई। इसके बाद आंदोलनकारियों में गुस्सा बढ़ा तो उन्होंने ग्रामीण इलाकों में अपने स्तर के सभी कामकाज बंद कर दिए। बताते हैं कि शुक्रवार सुबह तीसरे दिन भी सीएचओ अपने सेंटरों पर नहीं पहुंचे। सभी सेंटरों पर ताला लटका नजर आया। दवा लेने के लिए जो मरीज पहुंचे, उन्हें खाली हाथ घर लौटना पड़ गया।
बता दें कि जिले के ग्रामीण इलाकों में पिछले कई दिनों से बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। मच्छर जनित बीमारियों ने भी पैर पसार रखे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी इस हकीकत से वाकिफ हैं। इसके बाद विभागीय स्तर से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। जानकार बताते हैं कि हड़ताल कुछ दिन और चली तो मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
सीएमओ कार्यालय पर धरने पर बैठे सीएचओ
बदायूं। जिलेभर के नाराज सीएचओ ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे सीएचओ की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। वहीं, जिला प्रशासन ने तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे सीएचओ की अनुपस्थिति दर्ज की है। उनको नोटिस भी भेजे गए हैं। जिले में 269 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर कार्यरत हैं। जिनमें से 244 सीएचओ लखनऊ प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
महिला अस्पताल में सीएमओ कार्यालय के सामने धरने पर बैठे सीएचओ। संवाद