बदायूं। तीन माह से मानदेय न मिलने से परेशान राजकीय मेडिकल कॉलेज के करीब 250 संविदा कर्मचारी दूसरे दिन बुधवार को भी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों व मेडिकल कॉलेज की सीएमएस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्राचार्य बुधवार सुबह ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं दूसरे दिन भी पूरी तरह से ठप रहीं। मरीज इलाज को इधर-उघर भटकने को मजबूर हो गए।
कर्मचारियों के मानदेय को लेकर चला आ रहा विवाद दूसरे दिन भी हल नहीं हो सका। बुधवार को भी कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया कि 20 अक्तूबर तक वेतन मिल जाएगा। उन्होंने पहले वेतन उसके बाद काम करने की बात कही। बुधवार को पूरे दिन आउटर्सोसिंग कर्मचारी को मनाने का प्रयास चलता रहा, लेकिन कर्मचारी अपनी जिद पर अड़े रहे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक वेतन नहीं मिल जाता तब तक हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। इसके अलावा कर्मचारी प्राचार्य को हटाए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
देर शाम तक आउटर्सोसिंग कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने की वजह से मरीजों काे इलाज नहीं मिल सका। कुछ मरीज तो स्ट्रेचर पर काफी देर तक पड़े रहे। पर्चा बनवाने को घंटों लाइन में लगने की वजह से मरीज व तीमारदार गश खाकर गिर गए। जिनको बेंच पर लिटाया गया। अधिकांश मरीज बिना दवा लिए ही लौट गए। भर्ती मरीजों की भी ठीक से देखभाल नहीं हो सकी।
कर्मचारी की बिगड़ी हालत
हड़ताल व प्रदर्शन कर रहे एक कर्मचारी की हालत बिगड़ गई। साथी कर्मचारियों ने उसका उपचार किया। पानी पिलाया तो कुछ देर बाद ही उसकी हालत सामान्य हो गई। धरना प्रदर्शन से आउटर्सोसिंग कर्मचारी भी परेशान दिखे।
समस्या के समाधान के लिए ही लखनऊ आया हूं। कर्मचारियों के वेतन संबंधी समस्या का समाधान कराने के बाद ही लौटूंगा। मेडिकल कॉलेज में अन्य कर्मचारियों को लगाकर स्वास्थ्य सेवाएं चलाई जा रहीं हैं। जिससे मरीज व तीमारदारों को दिक्कत न हो।- डॉ अरूण कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज