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फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने में बदायूं की दो आईडी का हुआ इस्तेमाल

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बदायूं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी किए जाने के मामले में जांच के दौरान सामने आया है कि भोपाल में फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी करने के मामले में जिस प्रमोद कुमार संत नाम के कर्मचारी का नाम आ रहा है उसके नाम से दो आईडी जारी की गई थीं। शक है कि इन दोनों आईडी का फर्जी कार्ड जारी करने में इस्तेमाल किया गया है।
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माना जा रहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी कर निजी अस्पतालों से अपात्रों को साल में पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा के नाम पर घोटाला हुआ है। प्रमोद कुमार संत जिला महिला अस्पताल में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात था, लेकिन उसने 2020 में इस्तीफा दे दिया। प्रमोद कुमार संत के नाम से दो आईडी हैं। इसमें एक आईडी सूची में 18 वें नंबर पर 12405 और दूसरी 26 वें नंबर पर 19155 नंबर से है। 18 वें नंबर की आईडी में नाम के आगे एमआर लिखा है जबकि दूसरी आईडी केवल प्रमोद कुमार संत नाम से जारी की गई थी। 2020 में नौकरी से इस्तीफा देने के बाद भी प्रमोद कुमार संत आयुष्मान कार्ड जारी करता रहा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निर्देश पर पूरे मामले में जांच चल रही है। अब तक फर्जी आयुष्मान कार्डों की कुल संख्या को लेकर स्थिति साफ नहीं सकी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कुल संख्या पर स्थिति साफ हो सकेगी। इधर, साइबर क्राइम सेल ने प्रमोद कुमार संत की तलाश भी शुरू कर दी है।
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मामले में जांच चल रही है। जांच के बाद ही कुल फर्जी आयुष्मान कार्डों की कुल संख्या और ऐसी आईडी के बारे में पता चल सकेगा जिनसे कार्ड जारी किए गए। अब तक करीब 30 संदिग्ध आईडी बंद की जा चुकी हैं। प्रमोद कुमार संत नाम से दो आईडी थीं इनको बंद कर दिया गया है।
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-नितिन वर्मा, जिला समन्वयक, आयुष्मान भारत योजना
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