दवाओं का छिड़काव करते मलेरिया विभाग के कर्मचारी। संवाद
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बदायूं। वायरल फीवर के बीच जिले में मलेरिया का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। अब तक तो गांवों में वायरल फीवर के ही रोगी मिले रहे थे, लेकिन बुधवार को पांच गांवों में मलेरिया के 20 रोगी मिले हैं। सालारपुर ब्लॉक के गांव शेरगंज और बिछुरइया में मलेरिया और वायरल फीवर का व्यापक प्रकोप है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को दातागंज, जगत, समरेर, सालारपुर और बिल्सी के 13 गांवों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इस दौरान 674 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। 421 लोगों की मलेरिया की जांच की गई। यहां 392 वायरल फीवर और 20 मलेरिया के रोगी मिले हैं। शेरगंज में बुखार के 14 और मलेरिया के सात रोगी मिले हैं। बिछुरइया में बुखार के 10 और मलेरिया के छह रोगी मिले हैं। बिल्सी के नगला डंबर नगर में बुखार के 55 और मलेरिया के तीन रोगी मिले हैं। दातागंज के नगला गूजर, मुड़िया खेड़ा, चिंजरी में भी बुखार का व्यापक प्रकोप है। समरेर के बोथर में बुखार के 40 और मलेरिया के तीन रोगी मिले हैं। सादुल्लागंज में बुखार के 55 और मलेरिया का एक रोगी मिला है। मनकापुर सहोरा, महमंद नगर में भी बुखार का प्रकोप है।
सालारपुर का शेरगंज गांव मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यहां पिछले वर्ष डेंगू के 20 रोगी मिले थे। बुखार, डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों से 12 लोगों की मौत भी हुई थी। एक दिन में मलेरिया के 20 रोगी मिलने के बाद मलेरिया विभाग ने दवाओं का छिड़काव तेज कर दिया है।
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स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की ओर से गांवों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। जिले के गांवों में वायरल फीवर का प्रकोप है। दवाओं का वितरण किया जा रहा है। बुधवार को अलग-अलग गांवों में मलेरिया के भी 20 रोगी मिले हैं। इन सभी गांवों में लार्वा और मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है।
- डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ