मच्छरनाशक दवा का छिड़काव करता मलेरिया कर्मचारी। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गांवों में स्थिति ज्यादा खराब है। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार और रविवार को चार ब्लॉकों के दस गांवों में स्वास्थ्य कैंपों का आयोजन किया। इस दौरान यहां चार सौ से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। सौ से ज्यादा ग्रामीण वायरल फीवर पीड़ित निकले। संदेह होने पर 119 लोगों की मलेरिया जांच भी की गई, लेकिन कोई भी मरीज नहीं निकला। मलेरिया विभाग की टीमों ने इन गांवों में लार्वा और मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव भी किया।
करीब पंद्रह दिन से जिले में बुखार का काफी प्रकोप है। पिछले दिनों जगत ब्लॉक के गांव रायपुर में महिला की मौत के बाद सालारपुर के गांव सादुल्लापुर और उझौली में दो बच्चों की मौत हो चुकी है। सालारपुर का गांव सिगरोई, भटौली और शेरगंज भी वायरल फीवर की चपेट में है। जगत का गांव रायपुर, हथिनीभूड़, मझिया, मनकापुर, बेला में भी बुखार का प्रकोप है। दातागंज के भी कई गांवों में वायरल बुखार दस्तक दे चुका है। समरेर में भी बुखार का प्रकोप है।
स्वास्थ्य कैंप के दौरान सालारपुर के सिकरोड़ी में 12 और अहरुइया में 19 बुखार पीड़ित मिले। जगत ब्लॉक के गांव फरीदापुर में तीन, दियोरिया बौरा में दस, मझिया में बुखार के नौ रोगी मिले। समरेर के मनकापुर में सात, सिमरिया में दस, दातागंज के छोटा परा में नौ और गंगोरा में बुखार के 12 रोगी मिले। ---------
वायरल फीवर मौसमी बीमारी है। जिले में संक्रामक रोगों जैसी अभी कोई बात नहीं है। जहां से भी बुखार फैलने की सूचना मिल रही है वहां टीमों को भेजा जा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर सीएचसी और पीएचसी स्तर तक टीमें काम कर रही हैं। हालात सामान्य हैं।
-डॉ. कौशल गुप्ता, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण सेल