बदायूं / कुंवरगांव। सालारपुर के कई गांवों में इन दिनों वायरल फीवर का प्रकोप है। गौर करने की बात यह है कि ब्लॉक क्षेत्र के कई गांव मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से संवेदनशील हैं, इसके बाद भी नवीन प्राथमिक सीएचसी स्तर पर ग्रामीणों को इलाज नहीं मिल रहा।
इन दिनों गांव सिगोई और भटौती में बड़ी संख्या में लोग बुखार की गिरफ्त में हैं। हालत गंभीर होने पर एक किशोरी को तो बरेली में भर्ती कराना पड़ा है, लेकिन अब तक स्वास्थ्य विभाग ने इन गांवों की सुध नहीं ली है। पिछलेे दिनों सादुल्लापुर और उझौली गांवों में दो बच्चों की बुखार से मौत भी हो चुकी है।
सालारपुर के गांव सिगोई में लंबे समय से सफाई कर्मचारी नहीं आ रहा था। इस कारण गांव में व्यापक गंदगी और जलभराव है। हाल ही में डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने सफाई कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद दूसरे सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं हो सकी है। सिगोई गांव में सुनील कुमार (30), सजना देवी (28), वीरेश कुमार (35), अनीता देवी (32), सूरजपाल (10) समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। इससे कहीं बुरा हाल भटौती का है। यहां भी सफाई कर्मी न आने से गांव में गंदगी के अंबार लगे हैं। भटौली में रामवती (45), विपिन (19), आफरीन (15), आस मोहम्मद (35), मीरा (38), मीना देवी (32) बुखार की चपेट में हैं। इसी गांव में निशा (14) पुत्री मल्लन को कई दिन से बुखार आ रहा था। हालत में सुधार न होने पर परिवार वालों ने निशा को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। वहां भी उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
गौर करने की बात यह है कि दोनों गांवों में बड़ी संख्या में बुखार के रोगी है, इसके बाद भी अब तक स्वास्थ्य विभाग ने सुध नहीं ली है। कुंवरगांव स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी ग्रामीणों को इलाज नहीं मिलता। ऐसे में ग्रामीणों को झोलाछाप की शरण में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
-
पिछले वर्ष शेरगंज में हुई थी 12 लोगों की मौत
सालारपुर ब्लॉक का गांव शेरगंज बीमारियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। पिछले वर्ष जिले में डेंगू का व्यापक प्रकोप था। अकेले शेरगंज गांव में ही डेंगू के करीब 20 रोगी मिले थे। इतना ही नहीं डेंगू समेत अन्य बीमारियों से शेरगंज में 12 लोगों की मौत भी हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने इस बार अब तक संवेदनशील गांवों में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए हैं। पिछले दिनों सादुल्लापुर में बालक की बुखार से मौत के बाद यहां हेल्थ कैंप लगाया गया। गांव में बड़ी संख्या में बुखार पीड़ित मिले थे।
-
जिला मुख्यालय से लेकर सीएचसी और पीएचसी स्तर तक टीमें तैयार हैं। जहां से भी बुखार या अन्य बीमारियों के संबंध में सूचना मिलती है वहां तत्काल टीमों को भेजा जा रहा है। जिले में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। कुछ गांवों में वायरल फीवर के रोगी मिल रहे हैं। इन गांवों में हेल्थ कैंप लगाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच और दवाओं का वितरण किया जा रहा है।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ