बदायूं। शासनादेश के विरुद्घ मुख्यालय से अटैच किए गए डॉक्टरों को उनके मूल तैनाती वाली जगह पर भेजने की कार्रवाई पूरी हो गई है। एडी हेल्थ डॉ. दीपक अहोरी की ओर से निर्देश मिलने के बाद सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने तीन डॉक्टरों का अटैचमेंट खत्म कर दिया है। लेकिन चार डॉक्टरों को नियम विरुद्घ मुख्यालय पर पदस्थापित भी कर दिया है।
अमर उजाला ने दो अगस्त के अंक में सीएचसी और पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों के अटैचमेंट के संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान शासन ने लिया। एडी हेल्थ डॉ. दीपक अहोरी ने शासनादेश के विरुद्घ डॉक्टरों के अटैचमेंट को खत्म कर उनको मूल तैनाती पर भेजने के निर्देश दिए थे। उच्च स्तर से सख्ती के बाद सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा यादव व चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र वर्मा को मूल तैनाती की जगह सीएचसी जगत, नेत्र सर्जन डॉ. पीयूष मोहन को सीएचसी वजीरगंज भेजने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। हालांकि, समरेर सीएचसी पर तैनात डॉ. तहसीन, आसफपुर में तैनात डॉ. पंकज शर्मा, दातागंज में तैनात डॉ. सनोज मिश्रा और कादरचौक में तैनात डॉ. अमित रस्तोगी के मामले में फिर से नियमों को ताक पर रख दिया गया है। यह सभी डॉक्टर हाल ही में लेबल दो से लेबल तीन के लिए प्रोन्नत हुए थे।
शासन के अनुमोदन के बिना ही सीएमओ ने इन चार डॉक्टरों को जिला मुख्यालय पर पदस्थापित कर दिया है। इस संबंध में पहले से शासन को अवगत ही नहीं कराया गया। शासनादेश के अनुसार सीएमओ के स्तर से पदोन्नत डॉक्टर को इस तरह पदस्थापित नहीं किया जा सकता। व्यवस्था है कि प्रशासनिक स्तर पर डॉक्टरों की कमी होने की दशा में सीएमओ डॉक्टरों से प्रशासनिक काम ले सकते हैं लेकिन इस संबंध में भी सूचना एडी और निदेशालय को देनी होगी।
इनसेट
फिर की गई गुमराह करने की कोशिश
सीएमओ की ओर से एडी को भेजी गईं सूचनाओं में फिर से गुमराह करने की कोशिश की गई है। मूल रूप से सीएचसी जगत पर तैनात लेबल दो के डॉ. असलम को लेकर सूचना दी गई है कि वह जगत सीएचसी पर ही बैठकर रोगियों को देख रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि नोडल अधिकारी के अभाव में उनसे मुख्यालय पर प्रतिरक्षण के नोडल अधिकारी के साथ कोविड-19 प्रतिरक्षण नोडल अधिकारी के रूप में भी काम लिया जा रहा है। जिला अस्पताल में मूल रूप से तैनात नाक, काग, गला रोग विशेषज्ञ (ईएनटी) डॉ. प्रेम शंकर मौर्य को लेकर सफाई दी गई है कि उनका बदायूं से शाहजहांपुर अटैचमेंट खुद एडी हेल्थ के स्तर से किया गया है। डॉ. सनोज मिश्रा, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. तहसीन और डॉ. अमित रस्तोगी के संबंध में कहा गया है कि विभिन्न कार्यों के क्रियान्वयन में समस्याओं को देखते हुए इन सभी को रिक्त पदों के सापेक्ष मुख्यालय पर पदस्थापित कर दिया गया है।
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डॉक्टरों के अटैचमेंट खत्म करने के संबंध में सीएमओ बदायूं को लिखा गया था। अटैचमेंट खत्म भी किए गए हैं। लेबल दो से लेबल तीन में आने वाले डॉक्टरों को समायोजित किए जाने के संबंध में अलग से शासनादेश हैं। शासन के बिना अनुमोदन के सीएमओ पदोन्नत डॉक्टरों को समायोजित या पदस्थापित नहीं कर सकते। सीएमओ को पहले शासन को अनुमोदन भेजना चाहिए था। जहां तक मेरी जानकारी में है, अनुमोदन नहीं भेजा गया है। पदस्थापित किए जाने के पहले शासन से अनुमति न लिया जाना शासनादेशों का उल्लंघन है। इस संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
-डॉ. दीपक अहोरी, अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं