बदायूं में कोरोना संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को 12 मरीज मिले, ऐसे में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 114 तक पहुंच गई। सबसे ज्यादा सक्रिय मरीज शहर में हैं। इनमें जिला जेल में ही 31 संक्रमित हैं। बावजूद इसके लोग गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुधवार को 1874 लोगों के सैंपल लिए गए थे। इनमें 959 की आरटीसीपीआर और 915 की एंटीजन जांच कराई गई। गुरुवार को जांच रिपोर्ट में 12 और लोग संक्रमित पाए गए हैं। यह सभी लोग एंटीजन जांच में पॉजिटिव निकले हैं। आरटीपीसीआर जांच में बृहस्पतिवार को कोई नया मरीज नहीं मिला है। गुरुवार को दो रोगी स्वस्थ भी हुए, लेकिन लगातार नए रोगियों के मिलने के कारण सक्रिय रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। करीब एक साल के बाद जिले में सक्रिय रोगियों की संख्या 100 के पार हुई है।
कोरोना संक्रमण की लगातार बढ़ रही रफ्तार के बीच लोग इन दिनों नियमों का पालन नहीं कर रहे। दो गज की दूरी हो या फिर मास्क व सैनिटाइजर का इस्तेमाल सभी को दरकिनार कर दिया गया है। सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान भी कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं किया जा रहा। ऐसे में इन दिनों जिले में थोक के भाव में नए संक्रमितों के मिलने का क्रम जारी है। गत 15 दिनों से अचानक कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ी है। बृहस्पतिवार को मिले नए मरीजों में म्याऊं, उझानी, जगत, सालारपुर के अलावा सबसे ज्यादा नए मरीज शहर के हैं।
सात अगस्त को प्रीकॉशन डोज का विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सात अगस्त को जिले में पहली बार विशेष अभियान चलाकर प्रीकॉशन यानी एहतियात डोज दी जाएगी। गौर करने की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग को 15 जुलाई से 30 सितंबर तक जिले में 19 लाख लोगों को प्रीकॉशन डोज देने का लक्ष्य मिला है, लेकिन अब तक 1.07 लाख लोगों ने ही प्रीकॉशन डोज ली है। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से सात अगस्त को जिले में अभियान के दौरान 175 स्थानों पर कैंपों का आयोजन कर प्रीकॉशन डोज दी जाएगी। दरअसल नए मिलने वाले रोगियों में ज्यादा संख्या उनकी है जो दूसरा टीका लगवा चुके हैं। दूसरा टीका लगवाने के 26 सप्ताह या छह माह के बाद प्रीकॉशन डोज लेनी की जरूरत है, लेकिन इन लोगों ने प्रीकॉशन डोज नहीं दी है।
रोगियों को ट्रेस करने के लिए सर्विलांस की मदद
नए मिलने वाले रोगियों को ट्रेस करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पुलिस की मदद लेनी पड़ रही है। दरअसल बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो सैंपल लेने के समय अपना पता या फिर मोबाइल नंबर गलत दर्ज करा देते हैं। ऐसे में ट्रैकिंग एंड ट्रेसिंग टीम के सामने समस्या आती है। ऐसे रोगियों को ट्रेस करने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ रही है। ट्रैकिंग एंड ट्रेसिंग ऑफिसर कोविड-19 डॉ. रजनीश शर्मा का कहना है कि 15 रोगियों के संबंध में पुलिस को तहरीर दी गई है। काफी कोशिश के बाद भी पिछले दिनों मिले इन रोगियों को ट्रेस नहीं किया जा सका है।
कोरोना की चौथी लहर (4th wave) और नए वेरिएंट को लेकर विशेषज्ञों ने जून का महीना खतरनाक बताया था, लेकिन जून में हालात सामान्य रहे। अब जुलाई और अगस्त में हालात बिगड़ रहे हैं। लोगों को चाहिए कि गाइड लाइन का पालन करें। 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को जरूरी है कि वह प्रीकॉशन डोज जरूर लें। गाइड लाइन का पालन बेहद जरूरी है।
- डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ