फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनीमिक और कुपोषण का शिकार बना देता है कृमि संक्रमण

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। कृमि संक्रमण बच्चों और किशोरों को एनीमिक (खून की कमी) और कुपोषण का शिकार बना देता है। इससे उनका मानसिक और शारीरिक विकास भी थम जाता है। बच्चों और किशोरों को खून की कमी के साथ कुपोषण का शिकार बनने से बचाने के लिए हर वर्ष 20 जुलाई को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाता है। इस दौरान एक से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को कृमि नाशक एल्वेंडाजोल टेबलेट दी जाती है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य समेत अन्य संबंधित विभागों ने बुधवार को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां कर ली हैं। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर इस बार जिले को एक से 19 वर्ष तक के 1472255 बच्चों और किशोर-किशोरियों को एल्वेंडाजोल टेबलेट खिलाई जाएगी। 20 दिसंबर को जो बच्चे और किशोर-किशोरियां टेबलेट खाने से छूट जाते हैं उनको 25 से 27 जुलाई तक टेबलेट खिलाई जाएगी।
पिछले वर्ष जिले को एक से 19 वर्ष तक के 1243484 बच्चों और किशोर-किशोरियों को टेबलेट खिलाने का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य के सापेक्ष 84 फीसदी को एल्वेंडाजोल टेबलेट खिलाई गई। बच्चों और किशोर-किशोरियों को टेबलेट सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों, मदरसों और आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलाई जाएगी।
विज्ञापन

स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायतीराज, स्वच्छ भारत मिशन के सहयोग से अभियान के दौरान अभिभावकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
-
इस तरह दी जाएगी एल्वेंडाजोल टेबलेट
एक वर्ष से कम आयु के बच्चों को एल्वेंडाजोल नहीं दी जाएगी। छह से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को शिक्षण संस्थाओं में टेबलेट खिलाई जाएगी। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को 400 एमजी की टेबलेट में आधी टेबलेट पीस कर पानी के साथ खिलाई जाएगी। तीन से 19 वर्ष आयु वर्ग में पूरी टेबलेट चबा-चबा कर पानी के साथ खिलाई जाएगी। कोई भी बच्चा या किशोर-किशोर टेबलेट को घर नहीं ले जा सकेगा। इस दौरान स्वास्थ्य टीमों के साथ एंबुलेंस भी व्यवस्था भी रखी जाएगी।
-
कृमि संक्रमण रोकथाम के उपाय
- खुले में शौच न करें, शौचालय का प्रयोग करें।
- स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
- खाने से पहले फल और सब्जियों को साफ पानी से धोएं।
- भोजन का ढक कर रखें और हमेशा साफ पानी पिएं।
- नाखून साफ और छोटे रखें। जूता-चप्पल पहनें।
- हाथ साबुन से धोएं, विशेषकर भोजन करने से पहले।
-
इस तरह कर सकते हैं संक्रमण की पहचान
- कृमि संक्रमण को सामान्य बीमारी समझा जाता है, लेकिन इसके कारण आंतों में रुकावट हो सकती है। ऐसा होने पर अन्य बीमारियां भी घेर सकती हैं। मानसिक और शारीरिक विकास रुक जाता है। हर समय थकावट महसूस होती है। बच्चा या किशोर कुपोषण के साथ खून की कमी का शिकार हो जाता है। कृमि संक्रमित रोगी में को भूख की कमी, हल्का बुखार, दमा, सांस लेने में दिक्कत, अमाशय में दर्द, कब्ज, अतिसार और अफारा जैसी समस्याएं होती हैं।
-
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस बुधवार को मनाया जाएगा। इस दौरान एक से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को एल्वेंडाजोल टेबलेट खिलाई जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों और सभी शिक्षण संस्थानों में बुधवार को टेबलेट खिलाई जानी है। छूटे हुए बच्चों और किशोर-किशोरियों को अभियान चलाकर 25 से 27 जुलाई के बीच टेबलेट खिलाई जाएगी।
विज्ञापन

-सुधा सोलंकी, जिला स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें