जनप्रतिनिधियों की नीधि से लगाए गए थे, एक साल बाद भी तकनीशियन की तैनाती नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। एटीएम हेल्थ बंद होने से मरीजों की जांच पर असर पड़ रहा है। जिला अस्पताल से लेकर महिला अस्पताल और सीएचसी ,पीएचसी पर जांच खिड़की पर मरीजों को लाइन लगानी पड़ रही है। हेल्थ एटीएम एक साल पहले जिला और जिला महिला अस्पताल के अलावा सहसवान, उझानी और बिल्सी सीएचसी पर लगाए गए थे।
जिला अस्पताल में हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम के तहत ऑनलाइन काम शुरू हुआ था। जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाने लगीं। पहले चरण में जिले में पांच हेल्थ एटीएम को मंजूरी मिली थी। हेल्थ एटीएम चालू होने के बाद मरीजों की अनावश्यक भागदौड़ करने और महंगी जांचों से छुटकारा मिला था।
हेल्थ एटीएम से पूरे शरीर की स्क्रीनिंग के साथ ही एक बार लिए गए रक्त के नमूने से एक बार में ही कई जांच हो जाती हैं। हेल्थ एटीएम बंद होने का प्रमुख कारण एक साल बाद भी इन पर तकनीशियन की तैनाती न होना है।
ये मिलतीं थी सुविधाएं
हेल्थ एटीएम से शरीर की स्क्रीनिंग, ब्ल्ड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा, बॉडी मास इंडेक्स, मेटाबॉलिक एज, बॉडी फेट, डिहाइड्रेशन, पल्स रेट आदि के आलवा ग्लूकोज, हिमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल, डेंगू, चिकनगुनिया, यूरिन टेस्ट, गर्भावस्था जांच, टायफाइड, एचआईवी, ईसीजी, टीएलसी, डीएलसी समेत 50 से अधिक जांचों की सुविधा मिलती थी।
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एक हेल्थ एटीएम की कीमत 4.21 लाख
- एक हेल्थ एटीएम की कीमत 4.21 लाख रुपये है। सांसद और विधायक निधियों से ये हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। एक साल पहले इनका लोकार्पण काफी जोरशोर से माननीयों ने ही किया था। अब बंद पड़े हेल्थ एटीएम की दुर्दशा की ओर माननीयों का भी कोई ध्यान नहीं है।
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पहले चरण में जिले में पांच हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती न होने के कारण एटीएम का संचालन प्रभावित हो रहा है। संचालन नियमित होता रहे इसकी व्यवस्था की जा रही है।
-डॉ. अब्दुल सलाम , सीएमओ
जिला अस्पताल में सीएमएस कक्ष में लगा हेल्थ एटीएम। संवाद