इमरजेंसी तक वाहन न जाएं इसके लिए लगाया गया बैरियर। डयूटी पर मौदूज गार्ड व होमगार्ड। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल की सुरक्षा में लगाए गए गार्ड ही बवाल का सबब बन रहे हैं। गार्ड मरीजों व तीमारदारों से अभद्रता कर रहे हैं। शिकायत करने पर सीएमएस ने कहा कि गार्डों को निर्देश हैं कि जो अभद्रता करेगा उसके साथ उसी के हिसाब से पेश आया जाएगा। इसमें चाहें डॉक्टर हो या फिर कर्मचारी। अस्पताल में आने वाले मरीजों के तीमारदार डॉक्टरों व कर्मचारियों से कई बार अभद्रता कर देते हैं इसी को लेकर गार्ड तैनात किए गए हैं।
गार्डों की मनमर्जी के चलते लगातार तीसरे दिन भी बुधवार को अस्पताल परिसर हंगामे की भेंट चढ़ गया। मामला यह था कि एक तीमारदार मरीज को लेकर अस्पताल आया। उसकी हालत गंभीर थी। इमरजेंसी से कुछ दूर पहले ही बैरियर लगा दिया गया है जिस पर गार्ड की ड्यूटी लगी है। बैरियर न खोलने पर तीमारदार ने विरोध किया तो गार्ड अभद्र व्यवहार करने लगा। इसके बाद हंगामा हो गया। हालांकि, गार्डों के नायक राजकमल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया।
इस पूरे मामले की शिकायत जब सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह से की गई तो उनका कहना था कि गार्डों को ड्यूटी पर सरकार ने लगाया है। शासन के पास फीडबैक गया था कि अस्पताल में लोग आए दिन हंगामा कर देते हैं, इससे डॉक्टर व स्टाफ असुरक्षित महसूस करने लगा। उनकी रक्षा के लिए गार्ड तैनात हैं। मेरी तरफ से छूट दी गई है कि कोई भी व्यक्ति अगर अभद्र व्यवहार करे तो उसके साथ अभद्रता से ही पेश आना। गार्ड आदेश का पालन कर रहे हैं। लोगों कहना है कि अब गार्ड खुलेआम अस्पताल में दहशत का माहौल पैदा कर रहे हैं। अगर इस ओर प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाया तो कभी भी इन गार्डों की करतूत से बड़ा हंगामा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। लगातार तीन दिन से इसी तरह से हंगामा हो रहा है।
डॉक्टर व स्टाफ भी हो रहा परेशान
-गार्ड की मरीज व तीमारदार से नहीं बल्कि एक ईएमओ से भी किसी बात को लेकर सोमवार रात झड़प हो गई। कई कर्मचारियों की बाइक अंदर तक न ले जाने को लेकर कहासुनी हुई। व्यवस्था सुधारने के प्रयास में व्यवस्था को बिगाड़ा जा रहा है। ऐसे में कभी कोई गंभीर मरीज आता है और बेरियर लगे होने से इमरजेंसी तक पहुंचने में देरी हुई तो हंगामा हो सकता है।