मुझे नहीं पता कि गमले किसने रखवाए हैं। शायद किसी संस्था ने गमले रखवाए होंगे। -डॉ. दीप कुमार, ईओ नगर पालिका
किसी संस्था ने गमले नहीं रखवाए। ईओ ने यह बताया था कि पालिका ने गमले रखवाए हैं। उनकी अनुमति से पीडब्ल्यूडी के किसा ठेकेदार ने गमले रखवाए। -दीपमाला गोयल, निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष
‘गमला घोटाला’ होने की आशंका
डिवाइडर पर जो गमले लगवाकर हटवाए गए हैं, वे बड़े हैं। जानकारों के अनुसार एक गमले की कीमत कम से कम चार सौ रुपये तो होगी ही। सौ से ऊपर गमले रखे रखवाए गए हैं। बताते हैं कि पालिका में इन गमलों की खरीदारी के लिए कोई टेंडर नहीं पड़ा। कोई संस्था ये गमले लगवाती तो पहले वो अपना प्रचार करती, साथ में अपना नाम पर चस्पा करवाती। पालिका से अनुमति भी ली लेती। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। ऐसे में यह सवाल वाजिब है कि कि गमलों को लेकर घोटाला हो सकता है।