माहे रमजान में रोजे रखने वालों के दिन-रात इबादत में गुजर रहे हैं। इस बार 19 रोजे लगभग 16 घंटे के हैं। यह मौका 29 साल के बाद आना बताया जा रहा है। उलमा-ए-किराम का मानना है कि गर्मी के मौसम मे रोजा रख कर इबादत करने वालों से अल्लाह खुश होते हैं। उन पर रहमत बरसती है। इस माहे मुबारक की बरकत से अल्लाह अपने बंदों के गुनाह माफ कर देता है। गर्मी के मौसम में जगह-जगह बर्फ भी बांटा जा रहा हैं, लेकिन बिजली कटौती के कारण लोगों में गुस्सा भरा है। लोगों ने सहरी व इफ्तार के समय सप्लाई दुरुस्त करने की मांग की है। लोग पानी को भी परेशान हैं। पंचायत प्रशासन मोहल्लों में पानी के टैंकर भेज कर व्यवस्था दुरुस्त करने में लगी है। बाजारों में फल, सिंवई ,फैनी, कचरी की दुकानें सज गई हैं।