उघैती शिव मंदिर पर कथा सुनाते कथ व्यास योगेश दीक्षित। संवाद
उघैती। शिव मंदिर पर चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन ध्रुव की कथा सुनाई गई। कथा व्यास ने कहा कि ध्रुव की भक्ति में इतनी शक्ति थी कि भगवान को स्वयं प्रकट होना पड़ा।
बृहस्पतिवार को कथा व्यास योगेश दीक्षित ने कहा कि राजा उत्तानपाद के दो पत्नियों में एक का नाम सुनीति और दूसरी का सुरुचि था। सुरुचि के कहने पर उत्तानपाद ने सुनीति को जंगल भेजा था। एक दिन सुनीति का पुत्र खेलते-खेलते राज दरबार जा पहुंचा और उत्तानपाद की गोेद में बैठ गया। सुरुचि ने उसे फटकारते हुए गोद से उतारकर भगा दिया। दुखी बालक ध्रुव जंगल में तपस्या करने पहुंच गया। कठिन तपस्या देख ध्रुव के सामने भगवान प्रकट हुए और उन्हें ब्रह्मांड में अटल पदवी दी। आज भी ध्रुव तारा अपने स्थान पर अटल रहते हुए चमक बिखेरता है। इस मौके पर हरि बाबू शर्मा, कल्लू मुखिया, वासुदेव शर्मा, मुनेश शर्मा, मास्टर ब्रजभूषण सिंह, ठाकुर प्रेमपाल सिंह, पंडित राधाचरण शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद