बदायूं। शहर के ब्राहमपुर मोहल्ला निवासी रामगोपाल ने नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में 15 लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर इसकी विवेचना शुरू कर दी है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ब्राहमपुर निवासी रामगोपाल मूलरूप से कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव घटियारी के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2019 में उनकी मुलाकात सिविल लाइंस क्षेत्र में डीएम रोड निवासी मुनेंद्र से हुई थी। उसने कहा था कि राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में एएनएम, जीएनएम, वार्ड बॉय और लैब टेक्नीशियन की भर्ती निकली हैं।
नित्या सर्विस आउटसोर्सिंग एंड मैनपॉवर सॉल्यूशन के एमडी अनिल राजौरिया से उसकी जान-पहचान है। वहीं अवनी परिधि एनर्जी एंड कम्यूनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अज्ञात गुप्ता, ललित राघव भी उसे जानते हैं। दोनों संस्थाएं सरकारी अस्पतालों में नौकरी लगवाती हैं। इससे वह उसके झांसे में आ गए और अपनी पत्नी, चचेरे भाई उपेंद्र, भांजी गायत्री और कुछ रिश्तेदारों को नौकरी लगवाने के लिए मुनेंद्र को 1.17 लाख रुपये दिए थे। उसके बाद सूरजपाल और श्रीपाल ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बनवाकर ज्वाइनिंग लेटर भी दे दिया था।
16 जनवरी 2024 की शाम करीब पांच बजे आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी दी और पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। उन्होंने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की। रिपोर्ट नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुनेंद्र, ओपी त्रिपाठी, अनिल राजौरिया, अभिषेक मिश्रा, तरुण, विवेक, सुमित मिश्रा, आलोक उपाध्याय, आशीष चौहान, ओम राठौर, अज्ञात गुप्ता, ललित राघव, परवेज सिंह, सूरजपाल, देव सिंह, श्रीपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।