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डेंगू के चार, मलेरिया का एक मरीज मिला, 22 गांव अब भी प्रभावित

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्रतीकात्मक फोटो। (यदि जरूरत समझें तो प्रयोग कर लें।) - फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिले में डेंगू का प्रकोप कम हो रहा है, लेकिन अब भी 22 गांव डेंगू प्रभावित हैं। रविवार को डेंगू के चार, मलेरिया का एक और बुखार के 425 मरीज मिले। डेंगू के मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समरेर के गाजीपुर, दातागंज के सराय पिपरिया, जगत के लखनपुर और दहगवां के शाहपुर ताहर खेड़ा गांवों में विशेष अभियान चलाया गया।
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स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की 23 टीमों ने प्रभावित गांवों में अभियान चलाकर 914 लोगों की मलेरिया और एलाइजा जांच कराई। जिले में डेंगू के सक्रिय मरीजों की संख्या अब 31 पर आ गई है। पिछले दिनों सक्रिय मरीजों की संख्या 90 के करीब पहुंच गई थी। रविवार को लखनपुर, उरैना, उनौना, ननाखेड़ा में विशेष अभियान चलाकर लावा नष्ट करने के साथ दवाओं का छिड़काव किया गया। डेंगू के नए मिले मरीजों में जगत के उनौला, उझानी के ननाखेड़ा में एक-एक, शहर के नई सराय और सिविल लाइंन का एक-एक मरीज है।
प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण सेल डॉ. कौशल गुप्ता ने बताया कि डेंगू के मरीजों की संख्या अब कम हो रही है। ज्यादा जांचें कराई जा रही हैं। धीरे-धीरे डेंगू का असर कम हो रहा है। जिन गांवों में प्रकोप है वहां लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
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शाहपुर ताहरखेड़ा में 15 दिन में सात लोगों की मौत, पड़ताल को पहुंचे सीएमओ
दहगवां। दहगवां ब्लॉक के गांव शाहपुर ताहर खेड़ा में 15 दिन में सात लोगों की मौत हुई है। रविवार को सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय भी गांव पहुंचे। यहां हेल्थ कैंप लगाया गया 157 लोगों की जांच में डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला।
गांव के छोटी की 15 वर्षीय बेटी बक्सर की शुक्रवार को मौत हो गई थी। इसके बाद शनिवार को दूसरी बेटी 17 वर्षीय आरिफा ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले गांव में 55 वर्षीय इदरीश, 50 वर्षीय कनीजा, 15 वर्षीय तारिश पुत्र जाबिर, 25 वर्षीय शाइस्ता पुत्री असलम, और 25 वर्षीय मुकद्दिस की भी मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर को निजी लैब ने ही डेंगू बाया था।
कई जगह इलाज कराया, लेकिन जान नहीं बची। रविवार को गांव में सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने गांव जाकर मौतों की पड़ताल की। मृतकों के परिवार वालों से भी मिले। हेल्थ कैंप लगवाकर ग्रामीणों की जांच कराई। गांव में बुखार के मरीज तो मिले हैं, लेकिन डेंगू का कोई मरीज नहीं निकला है।
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