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Budaun News: चार करोड़ से चार मंदिरों का होगा सुंदरीकरण

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रुदायन का दुर्गा देवी मंदिर। संवाद
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बदायूं / कादरचौक। रूहेलखंड के ऐतिहासिक ककोड़ देवी मंदिर समेत जिले के चार प्रसिद्ध मंदिरों को पर्यटन विभाग ने सौगात दी है। इन मंदिरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई है।
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तहसील सदर क्षेत्र के विकासखंड कादरचौक में गंगा किनारे हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर ककोड़ देवी का मेला लगता है। इसमें कई राज्यों से श्रद्धालुओं का आना होता है। देवी मंदिर के सुंदरीकरण के लिए क्षेत्र की जनता ने जनप्रतिनिधियों से कई बार मांग की। ऐसे में पर्यटन विभाग ने ककोड़ देवी मंदिर समेत जिले के कई प्रसिद्ध मंदिरों का चयन कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था।
इसमें से अब शासन ने ककोड़ देवी के अलावा बिसौली क्षेत्र के गमा देवत मंदिर, दातागंज के मलाई देवी मंदिर, तहसील बिल्सी क्षेत्र के रुदायन स्थित श्री दुर्गा देवी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने का निर्णय किया है। साथ ही सुंदरीकरण के लिए एक-एक करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
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ये होंगे कार्य
मंदिरों के सुंदरीकरण के अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवासों, शौचालयों का निर्माण। आसपास के मार्गों का विस्तारीकरण और बैठने के लिए बेंचों आदि का निर्माण।
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क्षेत्र के लोगों को मिलेगा रोजगार
चारों प्रसिद्ध मंदिरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने के बाद इन क्षेत्रों के लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। लोगों का मानना है कि पर्यटन स्थल बन जाने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। जिससे क्षेत्र के लोगो को लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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इन मंदिरों का सुंदरीकरण
ककोड़ देवी मंदिर

कादरचौक में ककोड़ा गांव में सिद्ध पीठ ककोड़ देवी मंदिर स्थित है। ग्रामीणाें के अनुसार रोहिलाओं से देवी का युद्ध हुआ था। तब उनकी गर्दन कट गई थी। उसके बावजूद वह लगातार युद्ध करती रहीं और अंत में यु्द्ध जीत लिया था। उसके बाद यहां पर मठ की स्थापना की थी। वहीं बताया जाता है कि ध्यानपुरी बाबा के कहने पर नवाब अब्दुला ने यहां पर पूजा और गंगा स्नान किया। जिसके बाद मेें उनका कुष्ठ रोग ठीक हो गया था।
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गवा देवत मंदिर
बिसौली में गवा देवत मंदिर का निर्माण लगभग 200 साल पहले हुआ था। बताया जाता है कि मां भगवती का यह सबसे पुराना मंदिर है। जो भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करता है। उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। संवाद
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श्री दुर्गा देवी मंदिर
रुदायन में श्री दुर्गा देवी मंदिर भी काफी साल पुराना है। ग्रामीणों के अनुसार यहां पर माता रानी साक्षात रूप में निवासी करती है। इस मंदिर परिसर में देवी जी के अलावा भोलेनाथ, हनुमान जी, काली मां, भगवान शिव समेत अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। ऐसे में यहां पर हर समय मेला लगा रहता है।

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मलाई देवी मंदिर
दातागंज क्षेत्र के नवीगंज में राजा ययाति के नाम का टीला है और मलाई देवी मंदिर है। राजा ययाति की पुत्री मांडवी देवी थी। उन्हीं के नाम से यह मंदिर जाना जाता है, हालांकि अपभ्रंश देशज भाषा में इसको मलाई मंदिर कहा जाता है।
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पर्यटन विभाग की ओर से जिले के चार मंदिरों का सुंदरीकरण के लिए चयन किया गया है। चयनित मंदिरों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। चारों मंदिरों के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
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-रवि यादव, असिस्टेंट इंजीनियर, पर्यटन विभाग

रुदायन का दुर्गा देवी मंदिर। संवाद

रुदायन का दुर्गा देवी मंदिर। संवाद

रुदायन का दुर्गा देवी मंदिर। संवाद

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