ये बदमाश पकड़े गए
सीसीटीवी कैमरों की मदद से शाहजहांपु़र के कांठ थाना क्षेत्र के मोहनपुर का मूल निवासी और वर्तमान में बरेली में सुभाषनगर की बग्गा कॉलोनी निवासी शंकर शर्मा , बरेली के सुभाष नगर क्षेत्र के मोहल्ला गंगानगर निवासी शोभित गुप्ता, बदायूं के मछली बाजार का मूल निवासी और वर्तमान में बरेली के कैंट थाना क्षेत्र के नकटिया निवासी शहनवाज खान और पंजाब में लुधियाना के सलेम टाबरी थाना क्षेत्र के अमन नगर निवासी शनि उर्फ अशोक धारीवाल की पहचान कर उनको धर दबोचा।
बदमाशों से दो तमंचे और 12,300 रुपये बरामद हुए। चारों बदमाशों को जेल भेज दिया गया है। बरेली के कर्मचारी नगर निवासी करनवीर पुत्र सुरेंद्र सिंह, पंजाब के बरनाला में धनौला थाना क्षेत्र के कालके निवासी निर्मल पुत्र गज्जन सिंह और उसका नौकर राजू फरार हैं। पुलिस उन्हें तलाश कर रही है।
शहनवाज ने रची थी लूटपाट की साजिश
बदमाश शहनवाज मूलरूप से बदायूं के मछली बाजार का रहने वाला है। वह करीब एक साल पहले पनबड़िया विद्युत उपकेंद्र के सामने डॉ. एसबी अग्रवाल के यहां गाड़ी चलाता था। तब वह डॉक्टर की पत्नी को डॉ. सुरेंद्र के यहां ले गया था। वहां उसे पता चला कि डॉक्टर दंपती अकेले रहते हैं। उनका एक बेटा डॉक्टर है जो गाजियाबाद में रहता है। वह काफी पैसे वाले भी हैं। वह यहां से नौकरी छोड़कर बरेली चला गया। उसने इसके बारे में अपने दोस्त शोभित को जानकारी दी। शोभित ने अपने दोस्त शंकर शर्मा से मिलवाया और लूटपाट की साजिश रच डाली।
तीन बदमाशों ने की थी रेकी
घटना से आठ-दस दिन पहले शहनवाज, शोभित और शंकर शर्मा ऑटो से बदायूं आए थे। उन्होंने रेकी करने के लिहाज से डॉक्टर दंपती के क्लीनिक पर जाकर दवा भी ली और वापस चले गए। इस दौरान उन्होंने पूरी योजना बना ली कि कब और कैसे घटना को अंजाम दिया जाना है। वह 15 अगस्त को सुबह भी आए थे। वह दिन में लूटपाट करना चाहते थे लेकिन मरीजों की भीड़ देखकर लौट गए। तब 16 अगस्त की शाम को आकर उन्होंने लूटपाट की।
बाइक से तीन और बस से चार बदमाश पहुंचे थे बदायूं
16 अगस्त को सभी बदमाश बरेली के 84 घंटा मंदिर सुभाषनगर बरेली में इकट्ठा हुए थे। वहां से करनवीर अपनी बाइक पर निर्मल और राजू के साथ बदायूं आया था। उसने डॉक्टर दंपती के क्लीनिक के नजदीक ही बाइक खड़ी की थी जबकि शंकर शर्मा, शनि उर्फ अशोक धारीवाल, शोभित गुप्ता, शहनवाज खान बस से आए थे। सीसीटीवी फुटेज से करनवीर, निर्मल और राजू की पहचान ही हो सकी थी।
बदमाशों में हैं नौकर के साथ उसका मालिक भी
पंजाब प्रांत के बरनाला के धनौला थाना क्षेत्र के गांव कालके निवासी निर्मल पुत्र गज्जन सिंह मालिक है। उसके यहां राजू काम करता है। उसका सही पता स्पष्ट नहीं हुआ है। वह बतौर नौकर निर्मल के यहां रह रहा था। अभी दोनों फरार हैं। पुलिस उन्हें तलाश कर रही है।