मंडल महासचिव नईम चौधरी ने कहा कि किसानों को फसलों का वाजिब मूल्य न मिलने से आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसान के आत्महत्या करने पर पीड़ितों को 10 लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष जमुना सिंह फौजी ने कहा कि किसानों को सरकारी विभागों में टरका दिया जाता है, इससे उन लोगों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इस मौके पर उपाध्यक्ष रक्षपाल सिंह, रोहिताश सिंह, अच्छन टेलर, शिवसिंह, दन्नू सिंह, गोकर्णनाथ, बादाम सिंह, संजीव, देवेंद्र, दाताराम, रामऔतार, रामदीन, महेश पाल, रघुवीर व कई लोग मौजूद रहे।