कृष्णापुरी में कथावाचन करते आचार्य नंदकिशोर मिश्र।संवाद
बदायूं। श्रीकृष्ण राधा सेवा समिति की ओर से मोहल्ला कृष्णापुरी में संगीतमयी श्रीमद्भागवत महापुराण में कथा व्यास आचार्य नंदकिशोर मिश्र ने कहा कि अहंकार भगवान का भोजन है। अहंकारी को कभी भगवत भक्ति प्राप्त नहीं होती है। जहां अहंकार आ जाता है वहां भगवान की कृपा स्वयं ही समाप्त हो जाती है।
कथा के पांचवें दिन उन्होंने कहा कि भगवत भक्ति पाने वाले को कभी घमंड नहीं करना चाहिए। अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बन जाता है। अहंकार ही महाभारत के युद्ध का कारण बना। इंद्र का घमंड तोड़ने के लिए भगवान कृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर बृजवासियों की रक्षा की। आगे कथा व्यास ने श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ीं बाल लीलाओं का वर्णन बड़े ही मार्मिक ढंग से किया। व्यवस्थाओं में विनोद कुमार मिश्र केएल गुप्ता, कामेश पाठक, एमपी शर्मा, ग्रीश चंद्र पाराशरी आदि का सहयोग रहा। संवाद