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गंगा 25 दिन बाद खतरे के निशान से नीचे

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उसहैत बांध पर कटान रोकने को लगाए गए बालू भरे बोरे। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। गंगा का जलस्तर करीब 25 दिन के बाद शनिवार को खतरे के निशान के नीचे आ गया। हालांकि, जलस्तर अब भी खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है। जलस्तर कम होने से बाढ़ग्रस्त इलाकों से पानी उतरने लगा है। दूसरी ओर अगले चौबीस घंटे तटवर्ती इलाकों के लिए ज्यादा खतरे भरे हो सकते हैं। दरअसल, शनिवार को गंगा में बिजनौर और हरिद्वार से करीब 3.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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मीटरगेज पर चेतावनी का निशान 161 और खतरे का निशान 162 मीटर पर है। करीब 25 दिन से जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर था। इस दौरान जलस्तर 162.52 मीटर तक दर्ज किया गया। शनिवार को गंगा में नरौरा से 37441, बिजनौर से 126499 और हरिद्वार से 213116 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शनिवार को मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 161.99 मीटर दर्ज किया गया। बिजनौर और हरिद्वार से छोड़ा गया पानी रविवार और सोमवार को कछला तक पहुंचेगा। इसके बाद गंगा के जलस्तर में एक बार फिर से काफी इजाफा होने का अनुमान है।
अगले दो दिन तटवर्ती इलाकों के लिए ज्यादा खतरा है। दरअसल, गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने पर जलस्तर खतरे के निशान के काफी ऊपर पहुंच जाता है।
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इधर, शनिवार को जलस्तर कम होने के बाद गंगा ने तटवर्ती इलाकों में कटान भी तेज कर दिया है। सहसवान क्षेत्र में भूमि लगातार गंगा में समा रही है। वीर सहाय नगला, परशुराम नगला, तोफी नगला के तटों पर तेजी से कटान हो रहा है। उसहैत में जटा, कमलैयापुर, असमया रफतपुर में कटान हो रहा है। यहां उसहैत बांध पर भी गंगा कटान कर रही हैं।
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शनिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से मामूली नीचे आया है। हालांकि, जलस्तर अब भी चेतावनी के निशान के ऊपर है। रविवार और सोमवार को जलस्तर में इजाफा हो सकता है। नरौरा और हरिद्वार से शनिवार को गंगा में करीब 3.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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