वीर सहाय नगला में घुसा बाढ़ का पानी। संवाद
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गंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार को एक बार फिर खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर पहुंच गया। इस कारण दातागंज और सहसवान तहसील के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इन गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। तटबंधों पर दबाव बढ़ने और कटान तेज होने के कारण हालात संवेदनशील हो गए हैं। गंगा में नरौरा से 81336, बिजनौर से 48110 और हरिद्वार से 57634 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस बीच मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 162.52 मीटर दर्ज किया गया। मीटर गेज पर खतरे का निशान 162 मीटर पर है।
जलस्तर बढ़ने के कारण सहसवान के तटवर्ती वीर सहाय नगला, बसौलिया, तौफी नगला, परशुराम नगला, खागी नगला में बाढ़ का पानी घुस गया। दातागंज तहसील के अहमदनगर बछौरा, असमया रफतपुर, जटा, रैपुरा, कमलैयापुर को भी बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। तटवर्ती इलाकों में तेजी से कटान भी हो रहा है। उसावां, उसहैत और गंगा-महावा तटबंधों पर दबाव बढ़ने के साथ कटान भी शुरू हो गया है। सहसवान क्षेत्र में कटान रोकने के किए गए प्रबंधों के बावजूद यहां सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। खतरा बढ़ने के साथ बाढ़ खंड की ओर से भी अलर्ट कर दिया गया है। कटान वाले स्थानों पर निगरानी के साथ बालू भरी बोरियां लगाई जा रही हैं।
सहसवान के चार गांवों का सड़क संपर्क कटा
जलस्तर बढ़ने के साथ सहसवान के वीर सहाय नगला, परशुराम नगला, बसौलिया और खागी नगला में तीन से चार फुट तक बाढ़ का पानी घुस गया है। ऐसे में इन गांवों में सड़क संपर्क कट गया है। कई स्थानों पर कटान के कारण सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। तौफी नगला में गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। यहां महावा पर बने पुल की एप्रोच रोड भी फिर से बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों का रुख करना शुरू कर दिया है। संवाद
48 घंटे में गंगा के जलस्तर में करीब 52 सेमी का इजाफा हुआ है। बृहस्पतिवार को मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर 162.52 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर है। कुछ तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बचाव कार्य किए जा रहे हैं। शुक्रवार से जलस्तर कम होने के साथ पानी उतरने का अनुमान है।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड