सहसवान क्षेत्र में कटान से गंगा में समाई जमीन। संवाद
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बदायूं। जलस्तर कम होने के बाद गंगा ने तटवर्ती इलाकों में कटान फिर तेज कर दिया है। कटान के कारण तटबंधों पर भी दबाव बढ़ रहा है। मंगलवार को मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 162.02 मीटर दर्ज किया गया। मीटर गेज पर खतरे का निशान 162 मीटर पर है।
मंगलवार को गंगा में नरौरा से 52037, बिजनौर से 108876 और हरिद्वार से 76299 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बिजनौर से छोड़ा गया पानी बुधवार शाम तक कछला पहुंच जाएगा। इसके बाद गंगा के जलस्तर में फिर से इजाफा होने की अनुमान है। अगस्त में गंगा लगातार खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई है। हालांकि, इन दिनों मैदानी इलाकों में अच्छी बारिश भी नहीं हो रही, इसके बाद भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई है। आने वाले दिनों में भारी बारिश का अनुमान भी है। ऐसे में गंगा का रुख और भी खतरनाक हो सकता है।
इधर, पिछले दो दिन से जलस्तर में कमी आने के कारण तटवर्ती गांवों में कटान काफी तेज हो गया है। सहसवान क्षेत्र में सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। उसहैत के जटा, असमया रफतपुर, अहमद नगर बछौरा, कमलैयापुर, रैपुरा आदि गांवों में भी तेजी से कटान हो रहा है। सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर 162.02 मीटर दर्ज किया गया, लेकिन बुधवार को जलस्तर में इजाफा होने का अनुमान है। संवाद