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गंगा खतरे के निशान से 51 सेमी ऊपर, तटबंधों पर कटान

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बदायूं। गंगा के जलस्तर में लगातार इजाफा होने के कारण तटवर्ती गांवों को खतरा पैदा हो गया है। मंगलवार को गंगा खतरे के निशान से 51 सेमी ऊपर पहुंच गई। गंगा में उफान के कारण हालात अब नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं। मंगलवार को मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर 162.51 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 162 मीटर पर है।
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मंगलवार को गंगा में नरौरा से 87492, बिजनौर से 50167 और हरिद्वार से 59003 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण उसहैत के अहमनगर बछौरा, कदम नगला, ठकुरी नगला, जटा, बेहटी, भखरी, कमलू नगला, चेतराम नगला, रैपुर, दियूरी नगला गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। उसहैत में गंगा के उस ओर बसे छह गांव भी जलमग्न हो गए हैं। यहां के लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर निकलने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से भी संवेदनशील गांवों को खाली कराने की तैयारी की जा रही है। सहसवान तहसील के टोटपुर करसरी, भकरौलिया, परशुराम नगला, नगला वीरसहाय, वरन नगला, तौफी नगला को भी बाढ़ के पानी ने घेर लिया है।
बाढ़ का पानी तटबंधों से टकरा रहा है। उसावां, उसहैत और गंगा-महावा तटबंधों पर पहले से ही हालात संवेदनशील बने हुए थे। अब ईसमपुर, नगला अजमेरी, भुंडी, चंदनपुर-हुसैनपुर और जोरी नगला तटबंधों पर हालात बिगड़ने लगे हैं। यहां भी बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के लिए बालू भरी बोरियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह के अनुसार गंगा का जलस्तर मंगलवार को खतरे के निशान से 51 सेमी तक ऊपर पहुंच गया है। कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। तटवर्ती इलाकों में निगरानी की जा रही है। सभी तटबंधों पर अलर्ट है। जरूरत होने पर गांवों को खाली कराने की तैयारी भी कर ली गई है। संवाद
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