बदायूं। गंगा अब तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रही हैं। रविवार को कछला में मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर बढ़कर 162.28 मीटर तक पहुंच गया। सोमवार को जलस्तर में और भी इजाफा होने का अनुमान है। इधर, बरेली डाउन स्टीम से रामगंगा में भी रविवार को 158.280 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा भी कई स्थानों पर फैलाव ले रही हैं।
गंगा में रविवार को नरौरा बैराज से 53966, बिजनौर से 36316 और हरिद्वार से 44413 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा-महावा, उसहैत और उसावां बांध पर पहले से ही स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। यहां कई स्थानों पर कटान भी हो रहा है। बाढ़ का पानी तटबंधों से टकरा रहा है। दातागंज, सदर और सहसवान तहसील की सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क रखा गया है। दरअसल, सोमवार शाम तक नरौरा बैराज से गंगा में ज्यादा पानी पहुंच सकता है। ईसमपुर, नगला अजमेरी, चंदनपुर हुसैनपुर और जोरी नगला तटबंधों पर हालात फिलहाल पूरी तरह से सामान्य हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बीच दातागंज तहसील क्षेत्र के उसहैत और उसावां के तटवर्ती गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। तटबंधों पर चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है।
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नरौरा बैराज से 53966 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद खतरे के निशान पर गंगा का जलस्तर 162.28 मीटर तक पहुंच गया है। गंगा-महावा, उसहैत और उसावां तटबंधों पर हालात संवेदनशील हैं। बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं। तटबंधों की चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है। रामगंगा के जलस्तर में भी मामूली इजाफा हुआ है।
- नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
अहमदनगर बछौरा पर मंडराया खतरा, गांव खाली कराने की तैयारी
उसहैत। दातागंज तहसील के गंगा के तटवर्ती गांव अहमदनगर बछौरा के लिए खतरा पैदा हो गया है। बाढ़ खंड यहां कटान रोकने में जुटा है। दूसरी ओर प्रशासन के स्तर से गांव खाली कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
गंगा का जलस्तर इन दिनों लगातार बढ़ रहा है। रविवार को खतरे के निशान पर जलस्तर 162.28 मीटर तक पहुंच गया। गंगा में उफान के साथ तटवर्ती गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। दातागंज तहसील के गांव अहमनगर बछौरा का काफी हिस्सा पिछले वर्ष बाढ़ और कटान के दौरान गंगा में समा गया था। पिछले वर्ष गांव के लोगों को यहां से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया था। काफी ग्रामीणों को दूसरे स्थान पर भी जमीन मुहैया कराई गई, लेकिन बाढ़ खत्म होने के बाद ग्रामीण फिर से घरों को लौट आए। इस बार भी जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा ने यहां कटान शुरू कर दिया है। गांव में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। जलस्तर में और इजाफा होता है तो गांव के अस्तित्व केेे खतरा पैदा हो सकता है। तहसील प्रशासन ने खतरा बढ़ता देख कर गांव खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी है। संवाद