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Budaun News: बाढ़ का कहर... 20 गांवों का संपर्क टूटा, बारीखेड़ा व देवरनिया बने टापू

Wed, 10 Jul 2024 05:34 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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सहसवान क्षेत्र के गांव भमरोलिया तक पहुंचा गंगा का पानी। संवाद
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बदायूं/कछला/दातागंज। बाढ़ की वजह से जिला मुख्यालय व तहसील से 20 गांवों का संपर्क सीधा टूट गया है। वहीं, दातागंज तहसील क्षेत्र के बारीखेड़ा और देवरनिया गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। गंगा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। दातागंज क्षेत्र में रामगंगा के साथ-साथ अरिल नदी के जलस्तर वृद्धि से पुल व सड़कों के ऊपर पानी भर गया है।
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सहसवान क्षेत्र के खागी नगला, वीर सहाय नगला, भमरौलिया गांवों के निचले हिस्सों में पानी भरने लगा है। उसहैत क्षेत्र में खेत डूब गए हैं। कछला गंगा घाट पर दुकानों पर पानी भर गया है।

बक्सेना स्थित पुल पर एक से दो फुट पानी चल रहा है। कुनिया, अंधरऊ, दुधारी, शाहजहांपुर गांव, हाशिमपुर, बख्तपुर, अभयपुर, जमालपुर समेत 20-25 गांवों के 30 हजार लोग इसी मार्ग से दातागंज तहसील मुख्यालय के लिए आते-जाते हैं। अगर यह रास्ता छोड़ते हैं तो 15 किलोमीटर का फेर है। उन्हें डहरपुर-सैंजनी होते हुए दातागंज पहुंचना पड़ेगा। रोजाना लोग इसलिए जलभराव के बीच से ही गुजर रहे हैं।
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बारीखेड़ा, कटकौरा रामगंगा नदी के इस पार हैं, जबकि देवरनिया, हकट, कुंडरामजरा, जलेबी नगला, नगला राजपाल, मुंशी डालचंद्र नगला, उधौनगला, नगला देलेंद्र सिंह, लापुर खादर, पट्टी बीजा, शेरपुर, हरार्मपुर, गढि़या, पैगंबरपुर समेत 20 गांव नदी पार शाहजहांपुर की ओर हैं। इन गांवों में रहने वालों के लिए बदायूं व दातागंज आना-जाना मुश्किल हो गया है।
कटरी में बसे देवरनिया गांव के लोग बेलाडांडी जाते हैं और फिर दातागंज तक पहुंचते हैं। अकट गांव के लोग वैसे तो गांव से नहीं निकल रहे, लेकिन अगर किसी को जरूरी काम है तो वह तैरकर निकलते हैं। देवरनिया, हकट, कुंडरामजरा, जलेबी नगला, नगला राजपाल, मुंशी डालचंद्र नगला, उधौनगला, नगला देलेंद्र सिंह के लोग के लिए सीधा रास्ता बंद हो गया है। गढ़िया रंगीन मार्ग से होते बेलाडांडी आएंगे और जाएंगे।



मार्गों पर जलभराव से यह हैं हालात
-हर्रेनगला-गढि़या शाहपुर के बीच अरिल नदी के पुल पर तीन से चार फुट पानी है। मार्ग पर आवागमन छह दिन ठप है। हर्रेनगला, देवचरी, पट्टी, आजमपुर, भंडन नगला के किसानों के खेत अरिल नदी के पार हैं जो डूब गए है। लगभग दस हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कालागढ़ बांध से पानी छोड़ा जाएगा तो यहां और पानी भरेगा। नगरिया खनू से गढि़या रंगीन तक 20 किलोमीटर मार्ग है। नगरिया खनू पुल से दो किलोमीटर आगे सड़क पर तीन से चार फुट तक पानी भर गया है। नगरिया खनू से लालपुर खादर के बीच करीब आधा किलोमीटर हिस्से में पानी ही पानी है। यहां सोमवार को दो फिट था। तब लोग निकल रहे थे लेकिन मंगलवार को आवागमन पूरी तरह से ठप है। कुंडरा मजरा के प्रधान तपन कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें दातागंज जाना था। जब वह लालपुर खादर से आगे बढ़े पर सड़क पर पानी होने की वजह से लौटना पड़ा।



30 हजार लोग प्रभावित, नौ स्थानों पर बाढ़ चौकियां की स्थापित
-अरिल व रामगंगा का जलस्तर बढ़ने और मार्गों पर पानी भर जाने से दातागंज तहसील के 20 गांवों के करीब 30 हजार से लोग सड़क के सीधे मार्ग से तहसील और जिला मुख्यालय से कट गए हैं। तमाम खेत पानी में डूब गए हैं। जलस्तर अभी बढ़ रहा है, इसलिए बाढ़ का खतरा है। तहसील क्षेत्र में नौ स्थानों पर बाढ़ चौकियां स्थापित हो गईं हैं। अधिकतर गांवों में आबादी ऊंचाई के स्थानों पर है।



यह हैं बाढ़ प्रभावित गांव

गंडाह, कनेई, विहारीपुर, बारीखेड़ा, नगरिया ख़नू, रायपुरा, देओरी, पिठकौरा, अकट, भेंडा, देओचरी, पट्टीविजा, लालपुर खादर, कुंडरा मजरा, नगला देवेंद्र सिंह, हर्रेमपुर, करनपुर, बेलादंडी, डियोरनिया, धनौरा, हुकुमपुर, जलेबी नगला, डालचंद्र नगला, बक्सेना, जमालपुर, अकट, जयपालपुर आदि है।



25 किलोमीटर का फेर लगाकर स्कूल पहुंचे प्राइमरी शिक्षक

दातागंज। कुंडरा मजरा ग्राम पंचायत के मजरों के तीन प्राथमिक विद्यालयों के छह शिक्षक हैं। यह शिक्षक दातागंज से कुंडरा मजरा के लिए मंगलवार को सुबह सात बजे चले। नगरिया पुल से आगे सड़क पर तीन से चार फुट तक पानी होने से बाइक आगे नहीं बढ़ पाईं। वापस दातागंज आए फिर बेलाडांडी पुल से गढि़या रंगीन रोड से होते हुए अपने विद्यालय पहुंचे। इसमें डेढ़ घंटे का समय और 25 किलोमीटर का सफर अतिरिक्त करना पड़ा। संवाद



बारीखेड़ा और देवरनिया टापू बने

दातागंज। रामगंगा में जलस्तर बढ़ने से आसपास के नाले भर गए।बारीखेड़ा बारिश के पानी से घिरने के बाद टापू बन गया है। छह दिनों से करीब 1700 लोगों का आवागमन सामान्य तौर पर ठप है। रास्ते में दो तीन फुट पानी भरा है। गांव वालों को बहुत ज्यादा जरूरत है तो ट्रैक्टर या फिर पैदल का ही साधन है। देवरनिया गांव में 500-600 लोग पांच दिन से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। पूरा गांव टीले पर बसा है। लोग सुरक्षित हैं। संवाद

सहसवान क्षेत्र के गांव भमरोलिया तक पहुंचा गंगा का पानी। संवाद

सहसवान क्षेत्र के गांव भमरोलिया तक पहुंचा गंगा का पानी। संवाद

सहसवान क्षेत्र के गांव भमरोलिया तक पहुंचा गंगा का पानी। संवाद

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