हजरतपुर से हर्रामपुर जाने वाले मार्ग पर भरा पानी। संवाद
दातागंज। रामगंगा का बढ़ता पानी जनजीवन को प्रभावित किया हुआ है। नगरिया खनू से लालपुर खादर के बीच सड़क पर दो से तीन फीट पानी भरा हुआ है। सात गांव के पांच हजार लोग नाव से सड़क पार करने को विवश हैं। प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है। मुख्य सड़क पर नाव चलने के कारण बच्चे, महिलाएं व पुरुष गांव में ही फंसे हुए हैं।
दातागंज क्षेत्र से होकर निकल रही रामगंगा के आसपास के करीब 12 गांवों में पिछले तीन दिनों से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। शाहजहांपुर को जाने वाली नगरिया खनू से लालपुर खादर सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी चल रहा है। इसकी वजह सात गांव के पांच हजार लोग नाव के सहारे हैं। रोजाना करीब 400-500 लोग नाव से सड़क पार कर दूसरी जगह आ-जा रहे हैं। आने वाले दिनों में रामगंगा का जलस्तर बढ़ा तो पानी गांव में घुस जाएगा। तहसील प्रशासन बाढ़ चौकियों से लगातार संपर्क बनाए हुए है।
मुख्य सड़क पर पानी के कारण ग्रामीण गांवों में कैद होकर रह गए हैं। बहुत जरूरी काम होने पर ही बाहर जा रहे हैं। हाल यह है कि जानवरों को चराने तक नहीं जा पा रहे हैं। बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोगों ने सामान ऊंचाई वाली जगहों पर रख दिया है।
हजरतपुर और हर्रामपुर में फिर चली नाव
दातागंज। दातागंज क्षेत्र के हजरतपुर और हर्रामपुर मार्ग पर पानी भरा होने की वजह से यहां पर लोगों ने ट्रैक्टर-ट्राली लगा दिए थे। एक छोर से दूसरे छोर पर छोड़ने के 20 रुपये से सौ रुपये तक वसूल किए जा रहे थे। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद में तहसील प्रशासन की टीम सक्रिय हुई। जिसके बाद सोमवार को वहां से ट्रैक्टर-ट्राली गायब हो गई। प्रशासन ने यहां नाव की व्यवस्था की है। ग्रामीण नाव से सड़क पार कर रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि यहां पानी कुछ कम हुआ है। लोग बाइक से सड़क से निकल सकते हैं। एहतियातन नाव चलवाई जा रही है। जिससे ग्रामीणों को कोई परेशानी न हो।
गंगा में आने वाले 24 घंटों में बढ़ सकता है पानी
बदायूं। कछला में गंगा का जलस्तर सोमवार को 162.14 मीटर दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर ऊपर है। नरौरा बैराज से 77233 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 14520 क्यूसेक और हरिद्वार से 1129876 क्यूसेक पानी सोमवार को गंगा में छोड़ा गया है। ऐसे में आने वाले 24 घंटे में गंगा में तेजी से जलस्तर बढ़ने की आशंका है। संवाद
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