उझानी। साइबर ठगी के मामलों में रोज इजाफा हो रहा है। पिछले दिनों सौंदर्य प्रसाधन विक्रेता शोभित गुप्ता को भी शिकार बना लिया गया। ठग ने पहले घरेलू सामान खरीदा, फिर शोभित के पेटीएम खाते में करीब 34 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन, कुछ देर बाद ही ठग ने पूरी रकम वापस अपने खाते में रिफंड कर ली।
सौंदर्य प्रसाधन विक्रेता शोभित गुप्ता नझियाई मोहल्ले के निवासी हैं। हलवाई चौक में उनका प्रतिष्ठान है। 17 फरवरी को उनके प्रतिष्ठान पर एक युवक आया और घरेलू सामान खरीदा। सामान में नए नोटों का हार भी शामिल था। सामान खरीद की रकम 34401 रुपये उसने दुकानदार के बिजनेस पेटीएम खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद वह सामान पैक कराके अपने साथ ले गया। शोभित के मुताबिक- शाम को पता लगा कि उसी नंबर से दो बार में 34401 रुपये रिफंड भी हो गए। अगले दिन ही शोभित ने पुलिस से शिकायत की। बाद में उन्होंने पुलिस की साइबर सेल में शिकायत दर्ज करा दी।
दुकानदार शोभित ने बताया कि ठगी के बाद वह जांच कर साइबर ठग को कपड़े जाने को लेकर तीन-चार बार पुलिस से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। बता दें कि साइबर ठगों ने पिछले दिनों पशुधन प्रसार अधिकारी योगेश कुमार सिंह से दो बार में 98 हजार रुपये की ठगी कर ली थी। इसके अलावा निजी चिकित्सक ओमपाल सिंह, व्यापारी केशव गर्ग, मिष्ठान विक्रेता धर्मेंद्र वार्ष्णेय को झांसे में लेकर रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कराने की कोशिश की जा चुकी है।
फर्जी एसीपी की गिरफ्तारी को दूसरी टीम जबलपुर रवाना
उझानी। सराफ आलोक अग्रवाल से धमका कर उनसे 26700 रुपये की ठगी के मामले में तहकीकात में जुटी पुलिस की एक टीम को कोई सफलता नहीं मिली तो कोतवाली से दूसरी टीम के लिए सोमवार अपराह्न जबलपुर रवाना कर दिया गया। टीम में दरोगा बलवीर सिंह के अलावा कोतवाली के पुलिस कर्मी और साइबर सेल के कर्मी भी शामिल हैं। पहले एसएसआई मनोज कुमार को भेजा गया था। वह तीन दिन तक जबलपुर में ही रहे थे। सराफ आलोक से ठगी के मामले में पुलिस कर्मियों पर भी धमकाने का आरोप लगा था। फर्जी एसीपी ने पुलिस से जब सराफ पर अभद्रता करने का आरोप लगाया था तो कोतवाली पुलिस बिना कुछ सोचे समझे सराफ पर ही दबाव बनाने में लग गई थी।