बदायूं। जिला और महिला अस्पताल में दो साल पहले आग से बचाव के लिए लगे फायर सिस्टम फेल हो चुके हैं। यह सिस्टम दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत में लगाए गए थे। इसका खुलासा बुधवार को दमकल विभाग की माॅकड्रिल में हुआ है। अब दोनों अस्पतालों के सीएमएस कह रहे हैं कि जल्द ही सिस्टम ठीक कराएंगे। यह तो सिर्फ माॅकड्रिल थी, अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता तो कई लोगों की जान आफत में पड़ सकती थी।
बुधवार को दमकल की टीम जिला अस्पताल पहुंची। टीम ने सिस्टम चेक किया तो पाइप लाइन में पानी नहीं आ रहा था। वहीं बिजली के तार टूटे पड़े मिले। इसके बाद महिला अस्पताल पहुंची टीम ने सिस्टम को देखा। यहां पंप खराब था, लाइन बंद थी।
माॅकड्रिल के समय में सिस्टम काम ही नहीं कर रहा था, यह देख टीम ने करीब एक घंटे तक पूरी लाइन को चेक किया। यहां मौजूद स्टाफ को आग लग जाने के बाद क्या करना चाहिए इसके बारे में विस्तार से बताया। हालांकि, फायर सिस्टम में लगाए गए सिलिंडर चलवाकर देखे गए, जो चालू हालत में मिले। फायर स्टेशन प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने दस दिन में व्यवस्था को ठीक करने के लिए कहा है।
दमकल विभाग द्वारा मार्क ड्रिल किया गया। जहां-जहां खराबी मिली उसको ठीक कराने के लिए कहा गया है। पहले सिस्टम को चलाने की कभी आवश्यकता ही नहीं पड़ी। दमकल विभाग द्वारा भी मार्क ड्रिल भी नहीं किया गया। -डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस महिला अस्पताल
महिला और पुरुष अस्पताल में व्यवस्था पूरी तरह से चौपट पाई गई। पंप तक नहीं चला। पानी की लाइन बंद थी। बिजली के तार टूटे मिले। मौजूद अधिकारी व कर्मचारियों को इसके बारे में पूरी तरह से जानकारी भी नहीं थी। व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए दस दिन का समय दिया गया है। दस दिन बाद दोबारा चेक किया जाएगा।- शैलेंद्र सिंह,फायर स्टेशन प्रभारी
जिला अस्पताल में डॉक्टरों व कर्मचारियों को समझाते फायर स्टेशन प्रभारी। संवाद
जिला अस्पताल में डॉक्टरों व कर्मचारियों को समझाते फायर स्टेशन प्रभारी। संवाद