मकान मालिक ने किया घर और मंदिर में करोड़ों के नुकसान का दावा
बदायूं। साहूकारा मोहल्ले में बुधवार की रात पटाखा गिरने से एक मकान में आग लग गई। हादसे में मकान में रखा गैस सिलिंडर फट गया, जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि यह मकान काफी पुराना था। अभी प्रशासनिक आंकड़ा नहीं आया है कि मकान में कुल कितना नुकसान हुआ है। हालांकि मकान मालिक करोड़ों के नुकसान होने का दावा कर रहे हैं।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला साहूकारा निवासी लक्ष्मन प्रसाद और हरप्रसाद दोनों भाई अधिवक्ता हैं। मकान में दोनों भाई अपनी बहन पुष्पा देवी के साथ रहते हैं। लक्ष्मन प्रसाद ने आशंका जताई कि देर रात उनके मकान के आंगन में बंधे त्रिपाल पर एक पटाखा गिरा, जिससे त्रिपाल में आग गई। घटना जिस वक्त हुई उस वक्त तीनों भाई-बहन कमरे में सो रहे थे। जब आग ज्यादा फैली तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन असफल होने पर तीनों लोग घर के बाहर निकल आए। उन्होंने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस तो मौके पर पहुंच गई, लेकिन उनकी गली ज्यादा संकरी होने के कारण फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाई।
फायर ब्रिगेड की गाड़ी को कोतवाली के नजदीक खड़ा किया गया। वहां से पाइप डालकर आग बुझाने की कोशिश शुरू की गई। एक गाड़ी से काम नहीं चला तो रात में ही तीन गाड़ियां और मंगाई गईं। इसी दौरान मकान में रखा गैस सिलिंडर फट गया, जिससे मकान काफी क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें काफी सामान दब गया। जैसे-तैसे आग बुझाई गई।
लक्ष्मन प्रसाद ने बताया कि उनके घर में शिव जी का मंदिर है। मंदिर के लट्टू, फर्नीचर आदि पर सोने का पत्तर चढ़ा हुआ था। वह मंदिर का निर्माण कराना चाहते थे। मंदिर बनवाने के लिए 40 लाख रुपये और लाए थे। इसमें उनके 30 लाख रुपये थे। आग में वह भी जल गए हैं। उन्होंने 60 करोड़ रुपये का कुल नुकसान बताया है। उधर, मोहल्ले में चर्चा है कि वकील के परिवार में संपत्ति का विवाद चल रहा है। पुलिस भी इतना नुकसान होने पर भरोसा नहीं कर पा रही है।
दोपहर में सुलगी आग, फिर बुलाई गई फायर ब्रिगेड
बुधवार रात मकान में आग लगने के बाद ठीक से बुझ नहीं पाई थी। बृहस्पतिवार की दोपहर फिर से मकान से धुआं निकलने लगा। यह देखकर स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को कॉल करके बुला लिया। उसके बाद फिर से आग बुझाई गई।
साहूकारा मोहल्ले में एक मकान में आग लगी है। उसमें कितना नुकसान हुआ है। अभी यह कहना मुश्किल है। हमने लेखपाल से कहा है कि वह मौके पर जाकर क्षति का आंकलन करें। राजस्व विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही बताया जा सकता है कि मकान में कितना नुकसान हुआ है।
- ब्रजेश कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट