बदायूं। एक महिला डॉक्टर ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य व भाजपा नेता मनोज मसीह और उनके दो बेटों समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि भाजपा नेता अपने बेटों और पत्नी के साथ उसके घर में घुस आए। उस पर हमला किया और उसकी बेटी का अपहरण करके ले गए।
सिविल लाइंस इलाके की रहने वाली डॉक्टर का कहना है कि 17 सितंबर को वह अपने परिजनों के साथ घर में थी। तभी अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य मनोज मसीह, उनका बेटा यश, ऋषभ और पत्नी अनीता मसीह व एक अज्ञात व्यक्ति उसके घर में घुस आए। तभी उसकी बेटी ने 50 हजार रुपये और सोने-चांदी के जेवर एक बैग में भर लिए।
ऋषभ ने तमंचे से उन पर फायर किया, जिसमें वह बाल-बाल बच गई। वह अपनी बेटी को बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन ये लोग उसका अपहरण कर ले गए। इस दौरान कुछ लोगों ने कहा कि वह मनोज मसीह की कोठी पर आएं। उनकी बेटी वहीं मिलेगी। वह उनकी बेटी का धर्म बदलकर अपने बेटे से शादी कराएंगे। पुलिस ने डॉक्टर की ओर से मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस ने डॉक्टर की बेटी के दर्ज कराये बयान
पुलिस ने डॉक्टर की बेटी के न्यायालय में बयान दर्ज कराए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस डॉक्टर की बेटी को मनोज मसीह के घर से लेकर आई थी। उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया था। वहां से बुधवार को उसके बयान दर्ज कराए गए। वह अपनी मां और सौतेले पिता पर गंभीर आरोप लगा रही है।
- जो आरोप मुझ पर लगाए गए है, वह बिल्कुल गलत हैं। मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। डॉक्टर की बेटी मेरे बेटे से शादी करना चाहती है। अभी दो दिन पहले वह अपने घर से नंगे पैर भागकर हमारे घर आ गई थी। उसका हमारे पास सीसीटीवी फुटेज भी है। उसके आने पर हमने पुलिस को सूचना देकर बुला लिया। बेटी ने पुलिस के सामने ही अपनी मां और सौतेले पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच में सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। - मनोज मसीह, पूर्व सदस्य अल्पसंख्यक आयोग
इस मामले में मैं पार्टी की घोषित नीति को ही कहना चाहूंगा। वर्तमान सरकार में किसी भी अवैधानिक कृत्य को किसी भी स्तर पर कोई भी संरक्षण नहीं मिल सकता। इस प्रकरण में भी तथ्यों के आधार पर कानून अपना काम करेगा। -राजीव कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा
इस मामले में तहरीर मिली थी, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जो साक्ष्य मिलेंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -आलोक मिश्रा, सीओ सिटी